
Health benefits of rock salt vs black salt फोटो सोर्स – Freepik
Kala Namak vs Sendha Namak: भारतीय रसोई में नमक केवल स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों के कारण भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। खासतौर पर काला नमक और सेंधा नमक ये दोनों ही हमारे खानपान का अहम हिस्सा हैं और कई तरह के स्वास्थ्य लाभ देता हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि स्वाद और सेहत के लिहाज से काला नमक और सेंधा नमक में से कौन-सा अधिक फायदेमंद है।
रॉक सॉल्ट, जिसे हिंदी में सेंधा नमक कहा जाता है, प्राकृतिक रूप से मिनरल्स से भरपूर होता है और यह समुद्री नमक से बिल्कुल अलग होता है। यह नमक खदानों से निकाला जाता है और बिल्कुल शुद्ध होता है। इसमें कोई मिलावट या केमिकल नहीं मिलाए जाते। इसे ज्यादा प्रोसेस नहीं किया जाता, इसलिए यह प्राकृतिक रूप में मिलता है। खासकर व्रत या उपवास के समय इसका उपयोग किया जाता है, क्योंकि इसे सात्विक और पवित्र माना जाता है।
पाचन में सहायक: सेंधा नमक पाचन एंजाइम्स को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे खाना आसानी से और अच्छे से पच जाता है।
डिटॉक्सिफिकेशन: यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है, जिससे लिवर और किडनी बेहतर काम करते हैं।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है: यह हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए थोड़ा बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें सोडियम की मात्रा सामान्य नमक से कम होती है।
त्वचा के लिए फायदेमंद: यह त्वचा से जुड़ी समस्याओं जैसे खुजली और जलन में राहत देता है और बाथ सॉल्ट के रूप में भी उपयोग किया जाता है।
ज्यादा सेवन हानिकारक: अगर इसकी मात्रा नियंत्रित न हो तो यह भी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।
किडनी पर असर: अधिक मात्रा में लेने से यह किडनी पर दबाव डाल सकता है, खासकर पहले से किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए।
काला नमक, जिसे ब्लैक सॉल्ट के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रकार का खनिज नमक है, जो ज्यादातर भारत, नेपाल और पाकिस्तान के कुछ भागों में पाया जाता है। यह अपने विशिष्ट सल्फरी स्वाद और गंध के लिए जाना जाता है। आयुर्वेद में इसका विशेष महत्व है क्योंकि इसे पाचन और अन्य शारीरिक समस्याओं के लिए उपयोगी माना गया है।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद: काला नमक गैस, अपच और एसिडिटी की समस्याओं में काफी राहत देता है।
आयरन से भरपूर: इसमें प्राकृतिक रूप से आयरन की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी हो सकता है।
कम सोडियम विकल्प: इसमें सोडियम कम होता है, इसलिए यह हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए आम नमक की तुलना में थोड़ा ज्यादा सुरक्षित हो सकता है।
सांस की समस्याओं में मददगार: पारंपरिक तौर पर इसका इस्तेमाल गले और फेफड़ों की समस्याओं में किया जाता रहा है।
ज्यादा मात्रा में सेवन: लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन करने से यह भी शरीर में सोडियम असंतुलन का कारण बन सकता है।
किडनी पर प्रभाव: किडनी के रोगियों को सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए, वरना यह नुकसान पहुंचा सकता है।
रॉक सॉल्ट और ब्लैक सॉल्ट दोनों ही अपने-अपने तरीके से उपयोगी हैं और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। अगर आप शरीर में खनिज संतुलन बनाए रखना चाहते हैं और शुद्ध नमक की तलाश में हैं, तो सेंधा नमक बेहतर विकल्प है। वहीं, अगर आप पाचन से जुड़ी समस्याओं से परेशान हैं और आयरन की जरूरत है, तो काला नमक अधिक लाभकारी हो सकता है।
लेकिन यह आपकी शारीरिक स्थिति, स्वास्थ्य जरूरतों, और खानपान की आदतों पर निर्भर करता है कि कौन-सा नमक आपके लिए ज्यादा उपयुक्त है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी प्रकार का नमक सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
29 May 2025 07:32 am
Published on:
29 May 2025 07:26 am
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