
Shoulder Pain के कारण (representative image) image credit Magnific
Morning Shoulder Pain: सुबह उठने के बाद कंधे में दर्द होना काफी आम समस्या है। ज्यादातर लोग इसे गलत तरीके से सोने या तकिए को गलत तरीके से लगाने की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार ज्यादा काम करने या कंधे पर ज्यादा दबाव पड़ने की वजह से भी दर्द हो सकता है। इसके अलावा यह सामान्य कारणों से भी हो सकता है, लेकिन अगर दर्द बार बार हो रहा है, लंबे समय तक बना रहता है या कंधे को हिलाने में परेशानी होने लगी है, तो इसके पीछे दूसरी वजह भी हो सकती है। एक वजह फ्रोजन शोल्डर (Frozen Shoulder) भी हो सकती है। जानते हैं यह क्या है और कंधे में दर्द किन-किन वजहों से हो सकता है।
फ्रोजन शोल्डर को मेडिकल भाषा में एडहेसिव कैप्सुलाइटिस (Adhesive Capsulitis) कहा जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, इसमें कंधे के जोड़ को घेरने वाला कनेक्टिव टिश्यू मोटा और कड़ा हो जाता है। इससे कंधे में दर्द के साथ अकड़न महसूस होती है और हाथ को सामान्य तरीके से हिलाना मुश्किल हो सकता है। यह समस्या आमतौर पर धीरे धीरे शुरू होती है और समय के साथ बढ़ सकती है। इसके दौरान कुछ लोगों को रात में दर्द ज्यादा महसूस होता है, जिसकी वजह से नींद भी प्रभावित हो सकती है। फ्रोजन शोल्डर का खतरा उन लोगों में बढ़ सकता है जिनका कंधा लंबे समय तक कम हिलता है। यह किसी चोट, हाथ में फ्रैक्चर या सर्जरी के बाद भी हो सकता है। डायबिटीज और थायरॉइड से जुड़ी कुछ समस्याओं में भी इसका खतरा बढ़ सकता है।
कंधे के आसपास कई मांसपेशियां और टेंडन मिलकर रोटेटर कफ बनाते हैं। ये कंधे के जोड़ को स्थिर रखने और हाथ को हिलाने में मदद करते हैं। इनमें चोट या समस्या होने पर कंधे में दर्द, कमजोरी और हाथ की मूवमेंट कम होने जैसी दिक्कत हो सकती है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, रोटेटर कफ (Rotator Cuff) की समस्या में दर्द रात के समय बढ़ सकता है और नींद में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को बालों में कंघी करने या हाथ को पीठ के पीछे ले जाने जैसे सामान्य काम करने में भी दिक्कत हो सकती है। यह समस्या उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलती है। इसके अलावा लगातार हाथ को सिर के ऊपर ले जाकर काम करने वाले लोगों, कुछ खिलाड़ियों और बार बार भारी सामान उठाने वालों में भी इसका खतरा बढ़ सकता है।
फ्रोजन शोल्डर या रोटेटर कफ के अलावा ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) के अनुसार, टेंडोनाइटिस (Tendonitis), बर्साइटिस (Bursitis) और इम्पिंजमेंट (Impingement) जैसी समस्याएं भी कंधे में दर्द की वजह बन सकती हैं। कुछ मामलों में आर्थराइटिस भी इसका कारण हो सकता है। अगर कंधे के साथ हाथ में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसकी वजह अलग हो सकती है और इसे केवल सोने की पोजिशन मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार, अगर कंधे का दर्द लगातार बना हुआ हो या इसमें कोई सुधार न हो रहा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। खासकर तब जब हाथ या कंधे को हिलाना काफी मुश्किल हो रहा हो। अगर अचानक बहुत तेज दर्द हो, हाथ हिलाना संभव न हो, कंधे की बनावट बदल गई हो, बहुत ज्यादा सूजन हो, हाथ में लगातार झनझनाहट या सुन्नपन हो या दर्द किसी चोट या गिरने के बाद शुरू हुआ हो, तो जल्द मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
15 Sept 2026 06:25 pm
Published on:
15 Sept 2026 09:52 am
