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Sugar For Gut Health: मीठा जहर बन सकता है? ज्यादा शुगर से बढ़ सकता है एसिड रिफ्लक्स और IBS

Sugar For Gut Health: मीठा खाने की आदत अक्सर छोटी-सी खुशी लगती है, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे पेट की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। जरूरत से ज्यादा शुगर लेने से न सिर्फ एसिड रिफ्लक्स और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, बल्कि यह आंतों के बैक्टीरिया का संतुलन भी बिगाड़ […]

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भारत

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MEGHA ROY

Dec 27, 2025

Acid Reflux and Sugar, IBS and Sugar Intake,IBS में मीठा खाना सही है या नहीं,

Digestive Problems Due to Sugar|फोटो सोर्स -Freepik

Sugar For Gut Health: मीठा खाने की आदत अक्सर छोटी-सी खुशी लगती है, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे पेट की सेहत के लिए खतरा बन सकती है। जरूरत से ज्यादा शुगर लेने से न सिर्फ एसिड रिफ्लक्स और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, बल्कि यह आंतों के बैक्टीरिया का संतुलन भी बिगाड़ देती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार ज्यादा मीठा खाने से पाचन तंत्र पर दबाव बढ़ता है और गट हेल्थ कमजोर होने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है क्या आपकी रोज की शुगर कहीं मीठा जहर तो नहीं बन रही?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की नजर से शुगर

इंडियन एक्सप्रेस ने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. अनुपमा एन. के. से बातचीत की। उनके अनुसार, किसी भी स्वीटनर को इस आधार पर परखा जाना चाहिए कि वह पाचन तंत्र, आंतों की सेहत, एसिडिटी और ब्लोटिंग पर क्या असर डालता है। उनका कहना है कि कोई भी स्वीटनर पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता, इसलिए इसका सेवन संतुलन में करना बेहद जरूरी है।

पेट की सेहत के हिसाब से शुगर और स्वीटनर्स की रैंकिंग

सफेद चीनी (White Sugar)

यह पेट के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह मानी जाती है। ज्यादा रिफाइंड होने की वजह से यह आंतों में खराब बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है। इससे एसिडिटी, गैस, सूजन, एसिड रिफ्लक्स, IBS और फैटी लिवर जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

ब्राउन शुगर

लोग इसे हेल्दी समझ लेते हैं, लेकिन हकीकत में यह भी लगभग सफेद चीनी जैसी ही असर करती है। थोड़े-बहुत मिनरल्स होने के बावजूद यह पेट को कोई खास फायदा नहीं देती और ब्लोटिंग व एसिडिटी बढ़ा सकती है।

गुड़

गुड़ कम प्रोसेस्ड होता है और कुछ लोगों के लिए पचाने में आसान भी हो सकता है। सीमित मात्रा में यह कब्ज में मदद कर सकता है। लेकिन ज्यादा गुड़ खाने से गैस, ढीलापन और एसिडिटी की समस्या हो सकती है, खासकर संवेदनशील पेट वालों में।

शहद (Honey)

कम मात्रा में शहद पेट के लिए थोड़ा हल्का माना जाता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आंतों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन ज्यादा शहद लेने से फ्रक्टोज की वजह से ब्लोटिंग, दस्त और रिफ्लक्स हो सकता है।

मोंक फ्रूट (Monk Fruit)

डॉ. अनुपमा के अनुसार, पेट की सेहत के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है। यह आंतों में फर्मेंट नहीं होता, गैस या एसिडिटी नहीं बढ़ाता और IBS से परेशान लोगों के लिए भी सुरक्षित माना जाता है।

एरिथ्रिटॉल (Erythritol)

यह एक शुगर अल्कोहल है, जो ज्यादातर छोटी आंत में ही अवशोषित हो जाता है। इसलिए इससे गैस कम बनती है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में लेने पर कुछ लोगों को पेट दर्द या असहजता हो सकती है।

स्टीविया (Stevia)

यह ब्लड शुगर नहीं बढ़ाता और सीमित मात्रा में पाचन के लिए ठीक माना जाता है। लेकिन बाजार में मिलने वाले कुछ प्रोसेस्ड स्टीविया प्रोडक्ट्स में मिलाए गए फिलर्स ब्लोटिंग या मतली पैदा कर सकते हैं।

कैसे कम करें डाइट में शुगर?


डॉ. अनुपमा सलाह देती हैं कि एक दिन में आप क्या खाते-पीते हैं, इसका ध्यान रखें कब खाते हैं, कितना खाते हैं और किन चीजों में छुपी हुई शुगर है। साथ ही यह भी देखें कि आप रोज कितनी सब्जियां और साबुत फल खा रहे हैं।