
Sunscreen लगाने का सही तरीका (representative image)image credit chatgpt
Monsoon Skin Care: ज्यादातर लोगों को लगता है कि सनस्क्रीन सिर्फ तेज धूप या गर्मियों में ही लगानी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है। हर मौसम में सूरज की यूवी किरणें (UV Rays) त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इससे टैनिंग, पिगमेंटेशन और समय से पहले झुर्रियां जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सनस्क्रीन को सिर्फ गर्मियों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी रोज की स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाना चाहिए। आइए जानते हैं क्यों।
मानसून के दिनों में धूप कम नजर आती है, लेकिन यूवी किरणें तब भी त्वचा तक पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए मौसम देखकर नहीं, बल्कि रोजाना अपनी स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन को शामिल करना बेहतर माना जाता है।
ज्यादातर लोग सिर्फ SPF देखकर सनस्क्रीन खरीद लेते हैं। लेकिन ऐसी सनस्क्रीन चुनें, जो आपकी स्किन टाइप के अनुसार सही हो और लगाने के बाद भारी या चिपचिपी न लगे।
सनस्क्रीन खरीदते समय सिर्फ SPF नंबर देखकर ना खरीदें। त्वचा को धूप के हर तरह के नुकसान से बचाने के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम SPF 50 और PA++++ रेटिंग जरूरी होती है, क्योंकि यह UVA और UVB दोनों तरह की हानिकारक किरणों को रोकने में मददगार होती है। इसके अलावा, लंबे समय तक त्वचा की सुरक्षा बनाए रखने के लिए सनस्क्रीन में MBBT, DHHB, BEMT और EHT जैसे नए फोटोस्टेबल यूवी फिल्टर्स का होना फायदेमंद रहता है। इसके साथ ही, सनस्क्रीन का टेक्सचर यानी बनावट भी महत्वपूर्ण होती है, अगर यह हल्की और नॉन-ग्रीसी होगी, तो इसे रोजाना लगाना बेहद आसान रहेगा।
अगर आप लंबे समय तक धूप में रहते हैं, तो सिर्फ सुबह सनस्क्रीन लगाना काफी नहीं है। समय-समय पर दोबारा सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी है।
सनस्क्रीन का सबसे बड़ा फायदा तभी मिलता है, जब इसे हर दिन नियमित रूप से लगाया जाए। इसलिए मौसम चाहे कोई भी हो, सनस्क्रीन को अपनी रोज की स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी पर लिखा गया है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। यदि आपको त्वचा से जुड़ी कोई समस्या, एलर्जी या अन्य स्किन संबंधी परेशानी है, तो किसी भी सलाह को अपनाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श जरूर करें।
Updated on:
21 Jul 2026 03:46 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:43 pm
