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Jantar Mantar: क्या आप जानते हैं? दिल्ली के अलावा भी भारत में मौजूद हैं 5 जंतर मंतर

Five Jantar Mantar In India: ऐतिहासिक धरोहर होने के साथ ही प्रदर्शन के लिए इन दिनों चर्चा में बने दिल्ली के जंतर मंतर के अलावा देश में और कहां कहां हैं जंतर मंतर। आइए जानते हैं।
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Jaipur Jantar Mantar UNESCO World Heritage Site, Delhi Jantar Mantar History

Jantar Mantar (representative image) image credit chatgpt

Jantar Mantar History And Facts: पेपर लीक के मामले को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की वजह से इन दिनों जंतर मंतर चर्चा में है। बीते 20 जुलाई दिन सोमवार को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुई झड़प के बाद सोशल मीडिया पर जंतर मंतर के वीडियो छाए हुए हैं। ऐसे में आपको जानकर हैरानी होगी कि जंतर मंतर सिर्फ राजधानी दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश के अलग अलग हिस्सों में पांच जंतर मंतर बनाए गए थे। आइए जानते हैं इन पांचों जंतर मंतर और इनकी खासियत के बारे में।

दिल्ली का जंतर मंतर, नई दिल्ली

नई दिल्ली में स्थित जंतर मंतर आज के समय में सिर्फ एक ऐतिहासिक जगह नहीं है बल्कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए भी जाना जाता है। इसे साल 1721 में बनाया गया था और यह पांचों जंतर मंतर में सबसे पहले तैयार हुआ था। पहले यहां बने खगोलीय यंत्रों की मदद से सूर्य, चंद्रमा और दूसरे ग्रहों की चाल को समझा जाता था। इसके अलावा समय और कैलेंडर की गणना के लिए भी इन यंत्रों का इस्तेमाल किया जाता था।

जयपुर का जंतर मंतर, राजस्थान

जयपुर के सिटी पैलेस के पास स्थित जंतर मंतर को साल 1728 से 1734 के बीच बनाया गया था। यह पांचों जंतर मंतर में सबसे बड़ा है। इसी वजह से इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है। यहां पर 20 बड़े खगोलीय यंत्र मौजूद हैं। इनमें सबसे खास सम्राट यंत्र है। यह दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर से बनी धूप घड़ियों में से एक मानी जाती है। इसकी मदद से उस समय काफी सटीक तरीके से समय की गणना की जाती थी।

उज्जैन का जंतर मंतर, मध्य प्रदेश

उज्जैन में स्थित जंतर मंतर को करीब साल 1725 में बनाया गया था। प्राचीन समय से ही उज्जैन खगोल विज्ञान और समय गणना का एक बड़ा केंद्र माना जाता था। यहां मौजूद यंत्रों का इस्तेमाल ग्रहों की स्थिति और आसमान की गतिविधियों को समझने के लिए किया जाता था। हालांकि यह जयपुर के जंतर मंतर से छोटा है, लेकिन इसका ऐतिहासिक महत्व काफी ज्यादा है।

वाराणसी का जंतर मंतर, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस या काशी) में स्थित जंतर मंतर करीब साल 1737 में बनाया गया था। यह गंगा नदी के किनारे बने एक महल के ऊपर स्थित है, जहां से आसपास का सुंदर नजारा दिखाई देता है। जयपुर के जंतर मंतर की तुलना में यहां कम यंत्र बचे हुए हैं।

मथुरा का जंतर मंतर, उत्तर प्रदेश

वाराणसी के अलावा उत्तर प्रदेश के मथुरा में भी जंतर मंतर मौजूद था, लेकिन यह पांचों में सबसे कम प्रसिद्ध है। इसे भी महाराजा जय सिंह द्वितीय ने बनवाया था। इतिहासकारों के अनुसार बाद में इस वेधशाला को तोड़ दिया गया। इसी वजह से मथुरा का जंतर मंतर बाकी चार जंतर मंतर की तरह दिखाई नहीं देता।