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उत्तर प्रदेश में सामान्य से 30% अधिक बारिश, प्रयागराज में गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा

भारतीय मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, 27 जून से 3 जुलाई 2025 के बीच राज्य में सामान्य से 30% अधिक वर्षा दर्ज की गई। राज्य स्तर पर कुल मिलाकर 133.2 मिमी वर्षा हुई

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यूपी में औसत से 30% अधिक हुई बारिश, PC - AI Generated Image

उत्तर प्रदेश में मानसून सीजन ने इस वर्ष सामान्य से अधिक सक्रियता दिखाई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, 27 जून से 3 जुलाई 2025 के बीच राज्य में सामान्य से 30% अधिक वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में उत्तर प्रदेश में कुल 57.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 44.2 मिमी है।

इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 69.1 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 89% अधिक है। पूर्वी यूपी में 46.9 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से लगभग 48% अधिक है। राज्य स्तर पर कुल मिलाकर 133.2 मिमी वर्षा हुई, जो कि इस मौसम के लिए निर्धारित 112.5 मिमी औसत से काफी अधिक है।

प्रयागराज में जलस्तर बढ़ने से अलर्ट

लगातार भारी बारिश का प्रभाव प्रमुख नदियों पर भी साफ दिखने लगा है। प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन ने बाढ़ की आशंका जताई है और सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।

प्रयागराज के डीएम नवनीत सिंह चहल ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार सुबह 8 बजे तक संगम पर गंगा का जलस्तर 126.6 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो कि गुरुवार की तुलना में 3 सेमी अधिक था। वहीं, यमुना का जलस्तर भी बढ़कर 84.74 मीटर तक पहुंच गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी

IMD ने आगामी दिनों में भी बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा के कारण कई जिलों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है। आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं की भी संभावना जताई गई है।

बाढ़ नियंत्रण उपाय

बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत शिविरों की तैयारी शुरू कर दी है और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सतर्क किया जा रहा है। नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है और संभावित संवेदनशील इलाकों में राहत व बचाव दल तैनात किए गए हैं।