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गुमशुदा बहनों से पुलिस ने इंस्टाग्राम पर की दोस्ती, फिर बहाने से बुला लिया मेरठ

16 दिसंबर की शाम को दोनों बहनों के चाचा ने पुलिस को सूचना दी थी कि वो घर से चली गई हैं।
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लखनऊ

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Nazia Naaz

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Updated: 19 Dec 2022, 12:02 PM IST

घर से भागी दोनों बहने अब परिवार वालों के साथ हैं।

आगरा के मलपुरा से लापता हुईं दो बहनों को पुलिस ने सोशल मीडिया की मदद से ढ़ूंढ निकाला है। ये दोनों बहने इंटरमीडिएट और दसवीं की छात्रा हैं। दोनों बहनें परीक्षा में नंबर कम आने की आशंका पर घर से चली गईं थीं।

इंस्टाग्राम पर दोस्त बनी पुलिस, चैटिंग की और ढूंढ़ निकाला

पुलिस ने दोनों बहनों को ढूंढ़ने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। पुलिस इंस्टाग्राम पर पहले दोनों बहनों की दोस्त बनी। दोनों से चैटिंग की। मदद के लिए एक नंबर छोड़ा। इस पर छात्राओं ने कॉल किया। पुलिस की सर्विलांस और एसओजी टीम ने उनकी लोकेशन ट्रेस की, वे ऋषिकेश में थीं।

मेरठ-मुजफ्फरनगर मार्ग पर बस में आते समय उन्हें ढूंढ़ लिया गया। बेटियों के मिलने से परिजन खुश हो गए। पुलिस के अनुसार दोनों बहनें परीक्षा में नंबर कम आने की आशंका पर घर से चली गईं थीं।

ऐसे शुरू हुई पुलिस और बहनों की चैटिंग

16 दिसंबर की शाम को दोनों बहनों के चाचा ने पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद सर्विलांस, एसओजी, थाना पुलिस को लगाया गया था। गायब हुई दोनों बहनों के सोशल मीडिया अकाउंट को देखा गया। बड़ी ने इंस्टाग्राम पर एकाउंट बनाया था। एक परिचित के माध्यम से मैसेज डाला गया। पुलिस और छात्राओं के बीच चैटिंग शुरू हो गई। पुलिस ने लिखा कि किसी तरह की जरूरत हो तो बता देना। एक नंबर भी भेज दिया।

पैसे खत्म होने पर पुलिस से मांगी मदद

बातचीत के दौरान दोनों बहनों ने रुपए खत्म होने पर मदद मांगी। इस पर पुलिसकर्मी ने मैसेज से बात की, कहा कि मेरठ आ जाना। वहां पर रुपए मिल जाएंगे। उधर, सर्विलांस टीम ने लोकेशन पता की। यह ऋषिकेश की थी। मेरठ आ रही दोनों बहनों की बस को मेरठ-मुजफ्फरनगर हाईवे पर टोल प्लाजा पर रुकवा लिया गया। परिजन भी पुलिस के साथ थे। उन्होंने बेटियों को पहचान लिया। वह दोनों के मिलने से खुश हो गए। उन्होंने पुलिस को धन्यवाद दिया।

बड़ी बनना चाहती है सपना

पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जोन सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि बड़ी इंटरमीडिएट तो छोटी हाईस्कूल की छात्रा है। बड़ी ने बताया कि वह आईपीएस बनना चाहती है। उसने अपना इंस्टाग्राम पर अकाउंट भी बनाया है। कुछ महीने पहले उनके बाबा की मौत हो गई थी। इस वजह से पढ़ाई नहीं कर पाई थी।

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पापा ने कहा था 'नंबर कम आए तो शादी करा देंगे'

पिता ने कहा था कि इंटर में नंबर कम आए तो पढ़ाई कर शादी करा देंगे। स्कूल में प्री बोर्ड की परीक्षा चल रही है। उसे लग रहा था कि नंबर कम आएंगे। नंबर कम आए तो आईपीएस कैसे बनेगी। वह घर से निकली तो छोटी बहन भी साथ चल दी। दोनों बस और ट्रेन से ऋषिकेश पहुंचीं थीं। चार हजार रुपए ही लेकर आए थे। रुपए खत्म हो गए।