राजनीति के जानकार पंड़ितों का मानना है कि, बसपा सुप्रीमो मायावती आजमगढ़ में करीब 20 फीसद मुस्लिम और 22 फीसद दलितों की जुगलबंदी कराकर यूपी की राजनीति में फिर से अपनी दखल बनाना चाहती हैं। बसपा सुप्रीमो की रणनीति है कि, अगर मुस्लिम-दलित एकजुट हो जाएं तो उपचुनाव में कामयाबी बसपा के कदम चूमेंगी। और फिर यह फार्मूला आने लोकसभा चुनाव में काम करेगा।