कांशीराम की राह चली भाजपा, विपक्ष के महापुरुषों को बना रही अपना

- खास रणनीति के तहत काम कर रही है भारतीय जनता पार्टी
- जयंती व पुण्यतिथि पर आयोजित किये कई कार्यक्रम
- महापुरुषों से जुड़े स्थलों के विकास भी करा रही है बीजेपी

By: Hariom Dwivedi

Updated: 18 Jul 2019, 02:52 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी बसपा संस्थापक कांशीराम की राह चल पड़ी है। पार्टी बसपा के सिद्धांतों की तर्ज पर विभिन्न जातियों के महापुरुषों और उनके प्रतीकों के जरिये जातियों को साधने और उनमें गहरी पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) आने वाले दिनों में विभिन्न समाजों के महापुरुषों और उनके प्रतीक पुरुषों के नाम पर न केवल विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी, बल्कि विभिन्न जातियों की अस्मिता को उभारने के लिए महापुरुषों की प्रतिमाएं भी चौक-चौराहों पर लगवाएगी। भाजपा की नीति हर जाति में एक नेता भी पैदा करने की है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बीते वर्षों में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं (Neeraj Shekhar) को पार्टी में शामिल कराने के साथ-साथ उनके महापुरुषों पर काफी हद तक अपना हक जमा लिया है। विपक्षी दलों ने जहां अपने आदर्श महापुरुषों को उतनी तरजीह नहीं दी, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने महापुरुषों की जयंती व पुण्यतिथि पर कई कार्यक्रम आयोजित कर इनके अनुयायियों को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने की कोशिश की। इनमें भीमराव आंबेडकर, कर्पूरी ठाकुर, महाराजा सुहेलदेव पासी (Maharaja Suheldev), ऊदा देवी (Uda devi), कबीर दास और रविदास जैसे प्रमुख महापुरुष शामिल हैं। 2014 से पहले इन महापुरुषों में से ज्यादातर विपक्षी दलों के आदर्श माने जाते थे, लेकिन भाजपा ने इन सभी महापुरुषों को लेकर न केवल कई कार्यक्रम आयोजित किये, बल्कि उनसे जुड़े स्थलों का विकास भी कराया।

डॉ. भीमराव आंबेडकर
बहुजन समाज पार्टी ने बाबा साहेब आंबेडकर के सहारे अपनी सियासी जमीन तैयार की थी। कुछ वक्त पहले तक आंबेडकर पर बसपा अपना अधिकार जता रही थी, लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले ही नरेंद्र मोदी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति अपना भावनात्मक लगाव जाहिर किया और उनसे जुड़े स्थलों का तीर्थ के रूप में विकास कराकर बसपा के वोटबैंक में सेंधमारी का प्रयास किया। इसमें वह काफी हद तक सफल भी रहे।

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ऊदा देवी पासी
लोकसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार ने 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन में अग्रेजों के छक्के छुड़ाने वाली पासी समाज की वीरांगना ऊदा देवी पासी की 100 फीट की प्रतिमा लखनऊ में लगवाने की घोषणा की थी। इसके लिए पासी समाज के हर व्यक्ति से लोहा जुटाने की रणनीति बनाई गई है। इतना ही नहीं, लखनऊ में ही ऊदा देवी के नाम पर राज्य सरकार एक मेमोरियल और एक पार्क भी बनवाने जा रही है।

कर्पूरी ठाकुर
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अगुआई में समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर समेत कई बड़े नेताओं की स्मृति में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में जगह-जगह आयोजन किये। उनके नाम पर सड़क बनाने की घोषणाएं की गईं।

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महाराजा सुहेलदेव
पासी समाज के महाराजा सुहेलदेव की विरासत पर बसपा अपना दावा जताती रही है, लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजीपुर में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी कर इस समुदाय के लोगों को रिझाने की कोशिश की।

सरदार बल्लभ भाई पटेल
लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की गुजरात में प्रतिमा स्थापित करने के लिए देशभर से लोहा जुटाने के क्रम में उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने खूब भाग-दौड़ की। पटेल की जयंती व पुण्यतिथि पर कार्यक्रम भी आयोजित हुए।

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