
इको गार्डन छावनी में तब्दील, CJP प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे सैकड़ों युवा (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
Cockroach Janta Party chief abhijeet dipke: नीट पेपर लीक और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में गुरुवार को छात्रों और युवाओं का जमावड़ा शुरू हो गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में सुबह से ही 200 से 300 छात्र और युवा पहुंच चुके हैं। हालांकि खबर लिखे जाने तक पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचे थे, जिसके चलते उपस्थित युवाओं में उनके आगमन को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।
इधर प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इको गार्डन और उसके आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी है कि पूरा क्षेत्र मानो छावनी में तब्दील दिखाई दे रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रदर्शन के लिए निर्धारित समय से पहले ही छात्र और युवा इको गार्डन पहुंचने लगे थे। कई छात्र हाथों में पोस्टर और बैनर लिए हुए दिखाई दिए। प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर यहां पहुंचे हैं।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों का कहना है कि लाखों युवाओं का भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ा हुआ है। यदि परीक्षाओं की गोपनीयता और निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं तो इससे मेहनत करने वाले छात्रों का मनोबल टूटता है। इसी कारण वे अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाना चाहते हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके गुरुवार देर रात लखनऊ पहुंच चुके थे। उन्होंने पहले ही घोषणा की थी कि वह प्रदर्शन में शामिल होंगे और छात्रों के बीच पहुंचकर अपनी बात रखेंगे। हालांकि दोपहर तक उनके इको गार्डन नहीं पहुंचने के कारण कार्यकर्ताओं और छात्रों में उनके आगमन को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा।
पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि अभिजीत दीपके निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनके पहुंचने के बाद सभा को संबोधित करने और आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करना है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है।
छात्र संगठनों का कहना है कि केवल जांच की घोषणा पर्याप्त नहीं है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है। इसी मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने इको गार्डन में एकजुट होकर आवाज उठाने का निर्णय लिया है।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। इको गार्डन के मुख्य प्रवेश द्वारों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को भी मौके पर लगाया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति दी गई है, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन को लेकर खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय हैं। सादे कपड़ों में कई अधिकारी प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास मौजूद हैं। सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना को समय रहते रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में संवाद और संयम बनाए रखा जाए।
कॉकरोच जनता पार्टी ने पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को लेकर व्यापक अभियान चलाया था। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सहित कई नेताओं ने वीडियो संदेश जारी कर छात्रों और युवाओं से इको गार्डन पहुंचने की अपील की थी।
इन संदेशों का असर प्रदर्शन स्थल पर देखने को मिला, जहां अलग-अलग जिलों से पहुंचे छात्र नजर आए। कई छात्रों ने कहा कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन से जुड़े और अपनी आवाज उठाने के लिए यहां पहुंचे हैं।
लखनऊ का इको गार्डन लंबे समय से विभिन्न आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख स्थल रहा है। गुरुवार को भी यह स्थान छात्रों और युवाओं के आक्रोश का केंद्र बन गया। प्रदर्शन में शामिल लोग शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की राजनीति करना नहीं है, बल्कि अपने भविष्य से जुड़े सवालों को सरकार तक पहुंचाना है। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर स्थिति पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण बनी हुई है। पुलिस लगातार हालात पर नजर रखे हुए है, जबकि प्रदर्शनकारी अभिजीत दीपके के आगमन का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके पहुंचने के बाद आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति और मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
राजधानी लखनऊ में हो रहा यह प्रदर्शन अब केवल एक संगठन का कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के अधिकारों को लेकर चल रही व्यापक बहस का हिस्सा बनता जा रहा है। आने वाले घंटों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदर्शन किस दिशा में आगे बढ़ता है और छात्रों की मांगों पर सरकार तथा संबंधित एजेंसियां क्या प्रतिक्रिया देती हैं।
सूचना: खबर लिखे जाने तक नहीं नहीं पहुंचे थे अभिजीत दीपके
Updated on:
12 Jun 2026 12:40 pm
Published on:
12 Jun 2026 12:39 pm
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