1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

KGMU में CM Yogi ने शुरू की 105 करोड़ की नई कार्डियोलॉजी विंग, हृदय रोगियों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज

CM Yogi Inaugurates ₹105 Cr New Cardiology Wing: लखनऊ के केजीएमयू में हृदय रोगियों के इलाज को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 105 करोड़ की लागत से बनी न्यू कार्डियोलॉजी विंग का उद्घाटन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यह विंग अब 176 बेड की क्षमता के साथ मरीजों को विश्वस्तरीय हृदय उपचार मुहैया कराएगी।

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jul 14, 2025

हृदय रोगियों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज फोटो सोर्स : Patrika

हृदय रोगियों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज फोटो सोर्स : Patrika

KGMU Cardiology Wing CMYogi Inauguration: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में हृदय रोगियों के लिए अब एक नई उम्मीद की किरण जगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 105 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नई कार्डियोलॉजी विंग का उद्घाटन किया। यह विंग न केवल अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस है, बल्कि यह हृदय रोगों के इलाज के क्षेत्र में एक मील का पत्थर भी साबित होगी।

योगी सरकार की बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन समारोह में कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के नागरिकों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू की यह नई कार्डियोलॉजी विंग उत्तर भारत की सबसे आधुनिक हृदय चिकित्सा इकाइयों में से एक होगी। “हमारा लक्ष्य है कि आम आदमी को बिना किसी भटकाव के सस्ती, सुलभ और श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें,” -योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

176 बेड की क्षमता, 92 नए आईसीसीयू बेड

इस कार्डियोलॉजी विंग के शुरू होने से हृदय रोगियों के इलाज की राह आसान हो जाएगी। केजीएमयू की कुल बेड क्षमता में अब 92 आईसीसीयू (इंटेंसिव कार्डियक केयर यूनिट) बेड और जुड़ गए हैं। पहले केवल लारी कार्डियोलॉजी में 84 बेड थे, जिससे अधिकांश समय सभी बेड फुल रहते थे और मरीजों को एसजीपीजीआई या अन्य संस्थानों में रेफर करना पड़ता था। अब कुल मिलाकर 176 बेड की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, जिससे इलाज की प्रतीक्षा में रहने वाले मरीजों को राहत मिलेगी और गंभीर हृदय रोगियों के लिए तत्काल इलाज सुनिश्चित हो सकेगा।

अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित विंग

नई विंग में ऐसे कई उपकरण और तकनीकी संसाधन शामिल हैं जो विश्वस्तरीय हृदय उपचार केंद्रों में पाए जाते हैं।
इनमें शामिल हैं:

  • 2 स्टेट ऑफ आर्ट कैथ लैब्स,
  • हाई-एंड इकोकार्डियोग्राफी सिस्टम,
  • थ्री-डी इकोकार्डियोग्राफी मशीनें (6),
  • 96 बेड साइड मॉनिटर विद नर्सिंग स्टेशन,
  • 120 सिरिंज इन्फ्यूजन पंप,
  • 25 टेंपरेरी पेसिंग पेसमेकर,
  • 1 ओसोटी मशीन और
  • 1 टीएमटी मशीन।

इन उपकरणों के माध्यम से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेसिंग और अन्य जटिल हृदय प्रक्रियाएं आसानी से और सटीकता के साथ की जा सकेंगी।

लारी और सीटीवीएस विंग से दबाव होगा कम

अभी तक लखनऊ और आसपास के जिलों के हजारों मरीजों को लारी कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस विंग में लंबी वेटिंग झेलनी पड़ती थी। सीमित बेड, संसाधन और स्टाफ के चलते समय पर इलाज नहीं मिल पाता था। लेकिन अब न्यू कार्डियोलॉजी विंग से इस दबाव में भारी कमी आएगी। “यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि प्रदेश के करोड़ों हृदय रोगियों के जीवन में उम्मीद की लौ है।”- प्रो. सोनिया नित्यानंद, कुलपति, केजीएमयू

चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश आगे

केजीएमयू की यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे बदलाव का प्रतीक है। हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने 60 से अधिक नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में कार्य किया है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री आरोग्य योजना के तहत लाखों मरीजों को मुफ्त इलाज मिल रहा है।

प्रशिक्षित डॉक्टरों व स्टाफ की नियुक्ति

केजीएमयू प्रशासन ने बताया कि इस नई विंग में सेवाएं देने के लिए विशेषज्ञ हृदय रोग विशेषज्ञों, कार्डियक सर्जनों, प्रशिक्षित नर्सों और तकनीशियनों की तैनाती की गई है। स्टाफ को अत्याधुनिक उपकरणों के संचालन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे मरीजों को उच्च गुणवत्ता की देखभाल सुनिश्चित की जा सके। सरकार की योजना है कि केजीएमयू के मॉडल को अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी लागू किया जाए। जिससे प्रदेश भर में चिकित्सा सेवाओं का एक समान और सशक्त नेटवर्क विकसित किया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, “हम लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और मेरठ जैसे प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में इसी तरह की आधुनिक कार्डियोलॉजी यूनिट्स की स्थापना की दिशा में काम कर रहे हैं।”

मरीजों को मिलेगा समर्पित हृदय केयर सेंटर

नई विंग पूरी तरह हृदय रोगों के इलाज के लिए समर्पित है। इससे मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा। जांच, भर्ती, सर्जरी और पोस्ट-ऑप देखभाल – सब कुछ एक ही छत के नीचे होगा। यह समग्र उपचार मॉडल इलाज की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देगा।