
Priyanka Gandhi
लखनऊ. तमाम कोशिशों के बावजूद यूपी में लगातार कांग्रेस का वोट प्रतिशत कम होता जा रहा है। बीते चुनावों में राहुल गांधी-प्रियंका ने राजबब्बर संग मिलकर यूपी में पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं ला सके। हाल ही में प्रियंका की नई टीम का गठन किया गया, जिसमें राजबब्बर की छुट्टी कर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता रहे अजय कुमार लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। लाख प्रयासों के बावजूद कांग्रेस के 'अपने' ही लल्लू की राह मुश्किल कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यूपी में जिस तरह से दिग्गज पुराने कांग्रेसी नेताओं को नजरअंदाज किया गया है, उनमें असंतोष है। वह अपने से जूनियर अजय लल्लू के साथ मिलकर काम करने में खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी नेताओं में असहमति और नाराजगी भी देखने को मिली है। कई मौके पर पार्टी की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई है। सियासी गलियारों में चर्चा में है कि इनमें से कुछ नेता बगावत कर दूसरे दलों का दामन थाम सकते हैं।
राजबब्बर- यूपी चुनाव और लोकसभा में पार्टी को बड़ी जीत न दिलवाने के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से राजबब्बर का हटाए जाना तय था। वह अभी पार्टी के किसी पद पर तैनात नहीं है। राजबबर ने बकायदा पत्र लिखकर अपनी नाराजगी भी जताई है और कहा कि नए चेहरों को मौका और पुराने नेताओं के अनुभव को सम्मान जैसे फैसलों से कई साथियों को असहजता हुई। कई साथियों की उम्मीदों पर मैं खरा नहीं उतर पाया। इस बात को जरूर समझना चाहिए कि प्रत्येक पद की कुछ शक्तियां होती हैं तो कुछ सीमाएं भी। मैंने कितना न्याय किया, इसके आकलन का अधिकार मैं अपने सहयोगियों पर छोड़ता हूं।
राजेश मिश्रा- वाराणसी के पूर्व सांसद डॉ. राजेश कुमार मिश्र की नाराजगी भी इन दिनों चर्चा में हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के सक्रिय होने के बाद उन्हें सलाह देने के लिए एक सलाहकार परिषद भी बनाई गई है। जिसमें सांसद डॉ. राजेश कुमार मिश्र का नाम भी शामिल था, लेकिन उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया और प्रियंका तक यह संदेश पहुंचाने के लिए भी कहा।
अजय राय - अजय राय भी सलाहकार परिषद में शामिल किए जाने से नाखुश थे। सूत्रों की मानें, तो वरिष्ठ नेता होने के नाते वह चाह रहे थे कि उन्हें कांग्रेस की मुख्य कमिटि में शामिल किया जाए। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
इमरान मसूद- इमरान मसूद भी इन दिनों नाराज चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में सोमवार को जब फेरबदल हुआ, तो प्रदेश अध्यक्ष पद से राजबब्बर को तो हटाया ही गया, साथ ही वेस्ट यूपी के कद्दावर नेता इमरान मसूद को भी प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। इमरान मसूद की जगह शामली के पूर्व विधायक को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। कहा जा रहा है कि वह इससे नाराज चल रहे हैं।
जितिन प्रसाद- राजनीतिक विश्लेषकों की मानें को कांग्रेस के बड़े ब्राह्मण चेहरे जितिन प्रसाद प्रदेश अध्यक्ष की रेस में थे। जब उनके नाम को लेकर कयास लगाए जाने लगे तो वे काफी एक्टिफ भी दिखे। मीडिया से उन्होंने अपना मेलझोल भी बढ़ा दिया। शाहजहांपुर के चिन्मयानंद बलात्कार केस में वह फोरफ्रंट में आकर वहां प्रदर्शन करना चाह भी रहे थे, हालांकि स्थानीय प्रशासन ने उन्हें अनुमति नहीं दी। लेकिन उनकी तमाम कोशिशें उन्हें प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं दिला पाई।
सलमान खुरशीद- सलमान खुर्शीद कांग्रेस के दिग्गज नेता हैं व बड़ा चेहरा हैं। पूर्व की कांग्रेस सरकार में वह केंद्रीय मंत्री भी रहे। लेकिन अब कद के हिसाब से उन्हें कोई पद या जिम्मेदारी नहीं मिली जिसके वह हकदार है। हाल में उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना भी साधा और बीच मझधार में पार्टी को छोड़ने का आरोप भी लगाया था।
श्रीप्रकाश जयसवाल- कांग्रेस की सरकार के दौरान उन्हें भी बड़ा मंत्रालय मिला था। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो अब उनकी अनदेखी की जा रही है। वहीं प्रियंका के हाथ में पार्टी की कमान आने के बाद उन पर अब ध्यान नहीं दिया जा रहा। खुद की इस तरह की उपेक्षा से वे पार्टी से नाराज चल रहे हैं।
Published on:
13 Oct 2019, 6:51 PM IST
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