
फ्रांस हिंसा पर मुनव्वर राणा के बयान की हुई आलोचना, सफाई में कहा बात के दूसरे मतलब निकाले जा रहे
लखनऊ. फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून के बाद कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की, भारत समेत कई देशों में फ्रांस के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे। इस बीच मशहूर शायर मुनव्वर राणा के बयान से यह विरोध और बढ़ गया है। उन्होंने अपनी विवादित प्रतिक्रिया में कहा है कि अगर कोई उनके माता-पिता या भगवान का गंदा कार्टून बनाता है, तब वे भी उसकी हत्या कर देंगे। एक निजी चैनल में इंटरव्यू के दौरान मुनव्वर राणा ने कहा, ''कोई हमारे माता-पिता या फिर भगवान का गंदा, आपत्तिजनक कार्टून बनाता है तो हम उसे मार देंगे।'' उन्होंने कहा कि जब देश में हजारों साल से ऑनर किलिंग को जायज मान लिया जाता है और कोई सजा नहीं होती है तो फिर आप उसे नाजायज कैसे कह सकते हैं। पूरी दुनिया में यही हो रहा है। हालांकि, उनके बयान को लेकर उपजे विवाद के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने फ्रांस हिंसा को जायज नहीं ठहराया है।
मुसलमानों को चिढ़ाने के लिए बनाया कार्टून
मुनव्वर राणा ने कहा, ''किसी की भी जान लेना ठीक नहीं है। यहां तक कि परिंदे की भी नहीं। आप भगवान का कार्टून बनाइए, लेकिन ऐसा नहीं करते हैं। वे मुसलमानों को चिढ़ाने के लिए पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाते हैं। किसी भी धर्म के देवी-देवताओं का अगर कार्टून बनाया जाता है तो मुझे भी बुरा लगेगा क्योंकि मैं भी इंसान हूं और हिंदुस्तानी हूं।''
फ्रांस हिंसा को नहीं कहा जायज
फ्रांस हिंसा को लेकर मुनव्वर राणा के बयान के बाद लोगों में रोष है। लोग मुनव्वर राणा के विवादित बयान की आलोचना कर रहे हैं। इस बीच अपने बयान पर सफाई देते हुए मुणव्वर राणा ने कहा है कि उन्होंने फ्रांस हिंसा को जायज नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि उनकी बात के दूसरे मतलब निकाले जा रहे हैं। मकबूल फिदा हुसैन को देश छोड़कर इसलिए भागना पड़ा क्योंकि उन्होंने हिंदू मजहब से छेड़छाड़ की थी। नतीजे के तौर पर अपनी जान बचाकर देश छोड़ नहीं भागते तो उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ती। वो यहां से चले और 90 साल के बूढ़े आदमी को गैर मुल्क में दम तोड़ा।
Updated on:
01 Nov 2020 09:10 am
Published on:
01 Nov 2020 09:10 am
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