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स्वाइन फ़्लू के बाद अब राजधानी में बढ़ने लगे डेंगू के मरीज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ़्लू के मामलों के बाद डेंगू के भी मामले सामने आने लगे हैं।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan

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Updated: 18 Sep 2017, 6:02 PM IST

Lucknow Health News

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ़्लू के मामलों के बाद डेंगू के भी मामले सामने आने लगे हैं। राजधानी लखनऊ में अब तक जहाँ स्वाइन फ़्लू के इस वर्ष 2123 मामले सामने आ चुके हैं तो डेंगू 70 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। लखनऊ में स्वाइन फ़्लू से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि डेंगू से 2 लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू और स्वाइन फ़्लू के अलावा चिकनगुनिया के भी इस वर्ष अब तक 53 रोगी सामने आ चुके हैं। बरसात का मौसम शुरू होने के पूर्व हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सरकार से डेंगू की तैयारियों को लेकर जवाब भी माँगा था।

डेंगू लार्वा मिलने पर सरकारी दफ्तरों को नोटिस

डेंगू और स्वाइन फ़्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने इस बार बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए क्योकि पिछली बार हुई मौतों के आंकड़ों ने सरकार को हिला दिया था और स्वाइन फ़्लू की स्थिति एक तरह से सरकार के नियंत्रण के बाहर हो गई थी। पिछली बार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस बार सभी मेडिकल कालेजों और अस्पतालों में स्वाइन फ़्लू और डेंगू को लेकर विशेष प्रबंध किये गए हैं। डेंगू के लार्वा के परीक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लगातार अभियान चलाते हुए राजधानी के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को नोटिस जारी किये और चेतावनी भी दी। स्वास्थ्य विभाग ने कई सरकारी महकमों को भी नोटिस जारी करते हुए डेंगू के लार्वा मिलने पर जलभराव की स्थिति को रोकने के लिए प्रेरित किया।

संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता अभियान जारी

लखनऊ के सीएमओ डॉ जी एस बाजपेई कहते हैं कि स्वाइन फ़्लू और डेंगू को लेकर एक साथ कई तरह के अभियान चलाये जा रहे हैं। एक ओर जहाँ नगर निगम की मदद से एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है तो दूसरी ओर स्कूली बच्चों को जागरूकता अभियान से जोड़ा जा रहा है। क्षेत्रवार मरीजों के आंकड़े तैयार कर उन क्षेत्रों में सघन फागिंग अभियान चलाया जा रहा है जहाँ मरीज अधिक हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बीमारियों के परीक्षण और मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था मुस्तैद रखी गई है।सीएमओ कहते हैं कि इन दोनों ही बीमारियों पर स्वास्थ्य विभाग ने नियंत्रण पाया है और पिछली बार की तुलना में मरीजों और मृतकों की संख्या घटी है।