2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अकबरनगर ध्वस्तीकरण कार्रवाई अब अंतिम चरण में, 449 निर्माण जमींदोज

उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ के अकबरनगर में कुकरैल नदी को पुनर्जीवित करने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखी है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jun 14, 2024

bulldozer Akbarnagar

कुकरैल में विकसित होगी देश की पहली नाइट सफारी, चिड़ियाघर भी होगा शिफ्ट

योगी सरकार ने अकबरनगर में अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए कड़ा एक्शन लिया। इस अभियान के दौरान, बिना किसी हंगामे के 137 अवैध निर्माणों को बुलडोजर से तोड़ा गया। अकबर नगर के द्वितीय सेक्टर में 83 और प्रथम सेक्टर में 54 अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया है। इसके बाद, कल 449 अवैध निर्माणों को भी समाप्त कर दिया गया।

यह भी पढ़ें: कुवैत में मरने वालों में तीन UP के निवासी,Yogi सरकार ने दूतावास से साधा संपर्क

योगी सरकार का उद्देश्य है कि इस क्षेत्र को भूमाफिया, घुसपैठियों, रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के अवैध अतिक्रमण से मुक्त करके एक इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जाए। इसके साथ ही, लखनऊ के चिड़ियाघर को भी इस क्षेत्र में स्थापित करने की योजना है। साथ ही, योगी सरकार ने इस कार्रवाई के दौरान विस्थापित परिवारों का भी ध्यान रखा है और उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध करवाया है।

गोमती की सहायक नदी है कुकरैल 

1904 में प्रकाशित लखनऊ के गजेटियर के अनुसार ककरैल महोना में अस्ती गांव के उत्तर से निकलती है और शहर के ठीक नीचे भीखमपुर के पास गोमती नदी में मिल जाती है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान के प्रोफेसर वेंकटेश दत्ता की मानें तो गोमती के अस्तित्व के लिए अविरल निर्मल कुकरैल नदी आवश्यक है। 1962 में तटबंध के निर्माण से पहले, कुकरैल नदी बैराज के नीचे की ओर (जहां वर्तमान ताज होटल और अंबेडकर पार्क स्थित है) गोमती से मिलती थी।

कुकरैल में विकसित होगी देश की पहली नाइट सफारी, चिड़ियाघर भी होगा शिफ्ट

कुकरैल नदी की जमीन पर रहीमनगर, अकबरनगर और भौखमपर से अवैध निर्माण को हटाया जा रहा है। ककरैल वन क्षेत्र को ईको टूरिज्म का हव बनाने जा रही है। यहां देश की पहली नाइट सफारी विकसित होने जा रही है। नाइट सफारी के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली से अनुमति प्राप्त हो गई है। यह परियोजना 855.07 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसका डीपीआर तैयार। र किया जा रहा है। लखनऊ का चिड़ियाघर भी इसी क्षेत्र में। शिफ्ट किया जाएगा।