
घने कोहरे ने रोकी उड़ानें (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Lucknow Airport Dense Fog Flight Delay: उत्तर भारत में जारी कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी लखनऊ में लगातार दो सर्द सुबहों में ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब दिल्ली से लखनऊ आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक ही फ्लाइट को आसमान में लंबे समय तक चक्कर लगाने के बाद बिना लैंडिंग किए वापस दिल्ली लौटना पड़ा। 2 और 4 जनवरी को हुई इस घटना में विमान ने कुल 28 चक्कर लगाए और 171 मिनट (2 घंटे 48 मिनट) तक लखनऊ के ऊपर मंडराता रहा।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की बोइंग 737 मैक्स-8 विमान, जो फ्लाइट नंबर IX2171 के तहत दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी, दोनों ही दिनों में समय पर उड़ान भरने के बावजूद लखनऊ एयरपोर्ट पर उतर नहीं सकी। घना कोहरा इतना अधिक था कि रनवे पूरी तरह से ढका रहा और पायलटों को सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल पाई।
4 जनवरी को फ्लाइट IX2171 ने दिल्ली एयरपोर्ट से सुबह 5:51 बजे उड़ान भरी और सामान्य समय के अनुसार 6:42 बजे लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट (चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) के ऊपर पहुंच गई। लेकिन जैसे ही विमान ने लैंडिंग की तैयारी शुरू की, पायलटों को रनवे बिल्कुल दिखाई नहीं दिया। उस समय रनवे विजुअल रेंज (RVR) केवल 125 मीटर दर्ज की गई, जबकि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के अनुसार इस श्रेणी के विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए न्यूनतम 150 मीटर RVR अनिवार्य है।
कोहरे के जल्द छंटने की उम्मीद में पायलटों ने विमान को लखनऊ के ऊपर होल्डिंग पैटर्न में रखा। सुबह 6:43 बजे से 8:01 बजे तक, यानी करीब 78 मिनट, विमान ने शहर के ऊपर 11 चक्कर लगाए। इस दौरान ईंधन की खपत, मौसम की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लगातार हालात का आकलन किया जाता रहा।जब मौसम में कोई सुधार नहीं हुआ और दृश्यता लगातार खराब बनी रही, तो पायलटों ने मानक सुरक्षा प्रक्रिया के तहत विमान को वापस दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया। फ्लाइट अंततः सुबह 8:55 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतर गई।
इससे दो दिन पहले, 2 जनवरी को भी यही फ्लाइट लगभग इसी तरह की स्थिति का सामना कर चुकी थी। उस दिन भी घने कोहरे के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग संभव नहीं हो पाई थी। दोनों दिनों को मिलाकर विमान ने कुल 28 चक्कर लगाए और लगभग 171 मिनट तक लखनऊ के आसमान में मंडराया।
इस असामान्य देरी और डायवर्जन से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्री लखनऊ में जरूरी काम, पारिवारिक कार्यक्रम और कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने के लिए यात्रा कर रहे थे। विमान के दिल्ली लौटने के बाद यात्रियों को एयरलाइन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था, रिफंड या री-शेड्यूलिंग का विकल्प दिया गया। कुछ यात्रियों ने बताया कि लंबे समय तक हवा में चक्कर लगाने से मानसिक तनाव बढ़ गया था, हालांकि पायलटों और केबिन क्रू ने समय-समय पर स्थिति की जानकारी देकर यात्रियों को शांत रखने की कोशिश की।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, खराब दृश्यता में लैंडिंग कराना अत्यंत जोखिमपूर्ण होता है। DGCA द्वारा तय किए गए RVR मानक यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। यदि दृश्यता तय सीमा से कम हो, तो पायलटों को लैंडिंग की अनुमति नहीं होती, चाहे विमान एयरपोर्ट तक पहुंच भी चुका हो। इस मामले में पायलटों का निर्णय पूरी तरह से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुरूप था। सुरक्षा नियमों के तहत, जब मौसम अनुकूल न हो और ईंधन सीमा भी ध्यान में रखनी हो, तो डायवर्जन या रिटर्न सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
हर साल सर्दियों के मौसम में लखनऊ एयरपोर्ट को घने कोहरे की समस्या का सामना करना पड़ता है। दिसंबर से जनवरी के बीच कई बार दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ता है। हालांकि एयरपोर्ट पर कैट-III इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) मौजूद है, लेकिन इसके बावजूद भी न्यूनतम दृश्यता सीमा से नीचे लैंडिंग संभव नहीं होती।
केवल एयर इंडिया एक्सप्रेस ही नहीं, बल्कि इन दिनों लखनऊ से आने-जाने वाली कई अन्य उड़ानें भी कोहरे के कारण देरी, रद्द या डायवर्ट की जा चुकी हैं। सुबह के समय उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। कई विमानों को वाराणसी, दिल्ली या अन्य नजदीकी एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा है।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। खासतौर पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हवाई यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से अपील की है कि सर्दियों के मौसम में संभावित देरी और डायवर्जन को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर यात्रा की योजना बनाएं। साथ ही, फ्लाइट स्टेटस के लिए एयरलाइन की वेबसाइट या कस्टमर केयर से अपडेट लेते रहें।
Published on:
05 Jan 2026 08:50 am
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