28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शाही अंदाज में रिटायर होंगे डीजीपी, 3 गियर की विंटेज कार से पुलिसकर्मी देंगे विदाई

- डीजीपी ओपी सिंह आज होंगे रिटायर - किंग्सवे डॉज में मिलेगी विदाई - डीजीपी की जगह कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पद की रेस में
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Karishma Lalwani

•

Updated: 31 Jan 2020, 10:48 AM IST

शाही अंदाज में रिटायर होंगे डीजीपी, 3 गियर की विंटेज कार से पुलिसकर्मी देंगे विदाई

शाही अंदाज में रिटायर होंगे डीजीपी, 3 गियर की विंटेज कार से पुलिसकर्मी देंगे विदाई

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह (DGP OP Singh) शुक्रवार यानी आज रिटायर हो रहे हैं। उनके साथ ही डीजी इंटेलिजेंस भवेश कुमार सिंह और डीजी विशेष जांच महेंद्र मोदी भी रिटायर होंगे। लखनऊ पुलिस लाइन में शुक्रवाह सुबह ओपी सिंह की विदाई में परेड का आयोजिन किया जाएगा, जिसमें डीजीपी को शाही अंदाज में रिटायरमेंट दिया जाएगा। डीजीपी ओपी सिंह को किंग्सवे डॉज विंटेज कार में विदाई दी जाएगी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कार को रस्सी से खींचकर कार्यालय के बाहर ले जाएंगे।

पुलिस महकमे की सबसे पुरानी कार से होंगे विदा

किंग्सवे कार पुलिस महकमे की सबसे पुरानी कार है। इसे डीजीपी के पद से रिटायर होने वाले पुलिस अधिकारियों की विदाई के समय निकाला जाता है। यह कार 1956 में एसएसपी लखनऊ के नाम से 61 हजार में खरीदी गई थी। अब यह कार डीजीपी के नाम से पंजीकृत है।

संस्था का प्रतीक है किंग्सवे डॉज

अपने रिटायरमेंट पर डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि किंग्सवे डॉज को अब तक अन्य कार्यक्रमों में इस्तेमाल किया गया है। तत्कालीन गवर्नर ने इसे यूपी पुलिस को दिया था तब से शोभा बनी हुई हमारी संस्कृति का प्रतीक बन गई है। जब भी कोई सेरेमोनियल ड्रिल होती है उसमें यह भव्य तरीके से सामने आती है। डीजीपी की विदाई में भी यह कार शामिल होती है।

इनके नाम चर्चा में

डीजीपी ओपी सिंह की सेवानिवृति के बाद कई नाम इस पद के लिए चर्चा में हैं। इसमें 1985 बैच के आइपीएस अधिकारी डीजी विजिलेंस हितेश चंद्र अवस्थी सबसे आगे हैं। 1986 बैच के आइपीएस अधिकारी डीजी सुजान वीर सिंह, 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी डीजी ईओडब्ल्यू डॉ.आरपी सिंह, इसी बैच के डीजी उप्र राज्य मानवाधिकार आयोग जीएल मीणा, डीजी फायर सर्विस विश्वजीत महापात्र, 1988 बैच के डीजी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड आरके विश्वकर्मा, डीजी जेल आनन्द कुमार व केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस आ रहे डीजी डीएस चौहान के नाम भी रेस में शामिल हैं।

ये भी पढ़ें:कमिश्नर प्रणाली के बाद पुलिस महकमे से दूसरी बड़ी खबर, इंसपेक्टर से लेकर सिपाही तक को देना होगा अपनी संपत्ति का ब्योरा