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UP Nikay Chunav: नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत में क्या अंतर है, जानें पूरा डिटेल

UP Nikay Chunav: यूपी निकाय चुनाव की तैयारियां से जोरों पर हैं। यूपी निकाय चुनावों में तीन तरह के चुनाव होते हैं- महापालिका, नगर पालिका और नगर पंचायत। इन तीनों में क्या अंतर हैंं? आइए जानते हैं..
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लखनऊ

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Anand Shukla

•

Updated: 24 Apr 2023, 11:57 AM IST

difference between Municipal Corporation, Municipal Council and Nagar Panchayat

नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में अंतर (फोटो- पत्रिका )

यूपी निकाय चुनाव की रणभेरी बजने के बाद सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। सभी दलों ने अपने- अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। यूपी का निकाय चुनाव सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल अगले साल देश में लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी पार्टियां पूरे जोर- शोर से लगी हुई हैं।

यूपी में निकाय चुनाव दो चरणों में होगा। पहले चरण में 37 जिलों में 4 मई को मतदान होगा। वहीं दूसरे चरण में 38 जिलों में 11 मई को मतदान होगा। 13 मई को चुनाव के नतीजे आएंगे।

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74वें संविधान संशोधन में भाग 9(A)जोड़ा गया
1992 में संविधान का 74वां संविधान संशोधन संसद द्वारा पारित कर एक कानून बनाया गया जो 1 जून 1993 से लागू हुआ। 74 वें संशोधन अधिनियम के तहत भारत के संविधान में नया भाग ‘भाग 9(A)' जोड़ा गया। जिससे नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ। नगरपालिका को संविधान में तीन भाग में बांटा गया। जो है – नगर पंचायत , नगर पालिका परिषद और नगर निगम ।

नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगर निगम के अंतर हैं। आज हम इसी पर बात करेंगे।

नगर पंचायत
नगर पंचायत सबसे निम्न श्रेणी मे आता है। यह उन क्षेत्रों में स्थापित किए जाते हैं जो अभी- अभी ग्रामीण से नगरी क्षेत्र में परिवर्तित हुए हैं। इन स्थानों में कम से कम 30 हजार और अधिकतम एक लाख जनसंख्या होती है। उत्तर प्रदेश में कुल 493 नगर पंचायतें हैं। नगर पंचायत में नगर पंचायत अध्यक्ष या चेयरमैन का चुनाव होता है।

नगर पालिका परिषद
नगर पालिका मध्यम श्रेणी में आती है। नगर पालिका नगर पंचायत से बड़ी और नगर निगम से छोटी होती है। जिन क्षेत्रों में नगर पंचायत स्थापित होते हैं। वहीं पर इनको परिवर्तित करके नगर पालिका परिषद की स्थापना की जाती है। 1लाख से 5 लाख तक की आबादी वाले क्षेत्रों में नगर पालिका परिषद की स्थापना की जाती है। यूपी में कुल 199 नगर पालिकाएं हैं। नगर पालिका में नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव होता है।

नगर निगम
नगरीय स्थानीय शासन की सबसे बड़ी श्रेणी में नगर निगम आता है । नगर निगम क्षेत्र वहां पर स्थापित किए जाते हैं, जहां की जनसंख्या कम से कम 5 लाख हो। नगर निगम के चुनाव में मेयर या महापौर चुने जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में कुल 17 नगर निगम हैं. जिनमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर,लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं। इनमें शाहजहांपुर को हाल ही में नगर निगम की श्रेणी में लाया गया है। इस बार शाहजहांपुर में नगर निगम के लिए पहली बार वोट डाले जाएंगे।

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राज्य की विधान मंडल द्वारा निश्चित किया जाता है कि कौन सा क्षेत्र किस श्रेणी में आएगा। इनकी शक्तियां, कार्यों और उत्तरदायित्व का निर्धारण भी राज्य ही करते हैं। अतः कौन सा क्षेत्र किस श्रेणी में आएगा। वहां की जनसंख्या और नगरीय इलाकों की समस्याओं पर निर्भर करता है।

उम्मीद है कि आपको नगर पंचायत , नगर पालिका परिषद और नगर निगम में अंतर पता हो गया होगा।

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