
Gyanvapi Masjid-Shringar Gauri Case: सुप्रीम कोर्ट में 20 मई और वाराणसी सिविल कोर्ट में 23 मई को होगी सुनवाई
ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी विवाद मामले एक तरफ वाराणसी सिविल कोर्ट में सुनवाई चल रही थी तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट भी दोनों पक्षों के दावे को सुन रहा था। वाराणसी सिविल कोर्ट विशेष एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने तीन दिन की 15 पेज की सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की इस रिपोर्ट के साथ साफ्ट कापी कोर्ट को सौंपी है। चिप में सर्वे के फोटोग्राफ और वीडियो साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में जमा कराए हैं। विशाल सिंह ने कहा कि, पिछले तीन दिनों से हम सोए नहीं थे। बुधवार को दो दिन के सर्वे रिपोर्ट पूर्व एडवोकेट कमिश्नर अजय मिश्र ने कोर्ट में दाखिल कर दिया था। अजय मिश्र को गोपनीयत बहाल न रखने के आरोप में एडवोकेट कमिश्नर की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उधर सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी विवाद मामले में सुनवाई करने के बाद वाराणसी सिविल कोर्ट का तत्काल आदेश जारी किया कि, शुक्रवार 20 मई तक सुनवाई रोक दी जाए। अब वाराणसी कोर्ट में शिवलिंग की जगह पर दर्शन-पूजन समेत अन्य मामलों में अब 23 मई को सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्टतौर पर कहाकि, जब तक हम शुक्रवार को मामले की सुनवाई नहीं कर लेते, तब तक वाराणसी की निचली अदालत सुनवाई न करे। सुप्रीम कोर्ट ने आज मुस्लिम पक्ष और हिंदू पक्ष को सुना और उसके बाद यह आदेश जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट में वकील विष्णु जैन ने बेंच से प्रार्थना की कि, हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन बुधवार को हॉस्पिटल से डिचार्ज हुए हैं, लिहाजा उन्हें अपना जवाब दाखिल करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया जाये। इस पर मुस्लिम पक्ष ने आपत्ति जताई और कहाकि, वाराणसी अदालत लगातार सुनवाई कर रही है। वाराणसी सिविल कोर्ट में एक दीवार तोड़ने अर्जी दी गई है।
वाराणसी सिविल कोर्ट में दो अर्जियों पर आज सुनवाई होने वाली थी। नंदी के सामने वजूखाने में मिले कथित शिवलिंग के सामने की दीवार तोड़ने और उसके नीचे के तहखाने को तोड़कर कमीशन की मांग की गई है। यह वाद महिला वादियों ने दायर किया था।
वाराणसी सिविल कोर्ट में दूसरी अर्जी सरकारी वकील महेंद्र प्रसाद पांडेय की है, जिसमें वजूखाने के सील होने से नमाजियों को होने वाली दिक्कत और तालाब में मछलियों के जीवन पर संकट को लेकर है।
अजय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट में ज्ञानवापी मस्जिद की पिछली दीवार पर शेषनाग, कमल के निशान के साथ धार्मिक चिन्ह मौजूद हैं। दीवार के उत्तर से पश्चिम की ओर से शिलापट्ट पर सिंदूरी रंग की उभरी हुई कलाकृति है। इसमें देव विग्रह के रूप में चार मूर्तियों की आकृति दिखाई दे रही है। चौथी आकृति साफ तौर पर मूर्ति जैसी दिख रही है और उस पर सिंदूर का मोटा लेप लगा हुआ है। इसके आगे दीपक जलाने के उपयोग में लाया गया त्रिकोणीय ताखा (गंउखा) में फूल रखे हुए थे।
Updated on:
20 May 2022 07:26 am
Published on:
19 May 2022 05:52 pm
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