
India vs new zealand
कानपुर। Green Park Stadium Kanpur के लिए न्यूजीलैंड की टीम बहुत लकी है, जब भी कीवीज खिलाड़ी यहां खेलने आये तो कुछ न कुछ देकर जरूर गए। इससे पहले 1976 को कीवीज कानपुर आए तो बिना दूरदर्शन स्टेशन के ही टेस्ट मैच के सीधे प्रसारण का प्रयोग किया गया था और वो सफल रहा। रविवार को जब दोनों टीमें ग्राउंड पर उतरेंगी तो पहले डे-नाइट-मैच के आयोजन का तमगा भी ग्रीनपार्क के नाम पर दर्ज हो जाएगा। 26 दिसबंर 1986 को पहला एक दिवसीय मैच श्रीलंका के साथ खेला गया, लेकिन 31 साल तक इसे फ्लड लाइट का इंतजार करना पड़ा।
1976 को दूरदर्शन से टेस्ट मैच का प्रसारण
Green Park Stadium की नींव 1940 में अंग्रेज अफसर की पत्नी ग्रीन के नाम पर रखी गई थी। यहां पहला टेस्ट मैच 12 जनवरी 1952 को England Vs India के बीच खेला गया। इसके बाद यहां कई टेस्ट और एक दिवसीय मैच खेले गए। उस वक्त टेस्ट मैचों का प्रसारण अनेक देशों में हो रहा था। भारत में सिर्फ दूरदर्शन के जरिए मात्र छह स्टेशन दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, लखनऊ और श्रीनगर थे। देश के पांच टेस्ट मैच केंद्रों में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई के साथ कानपुर शामिल था, लेकिन यहां दूरदर्शन का स्टेशन न होने से सीधे प्रसारण की व्यवस्था नहीं थी। भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां 1976 में टेस्ट मैच होना था। दूरदर्शन ने विचार किया कि बिना स्टेशन के ही यहां से सीधे प्रसारण का प्रयोग किया जाए। दिल्ली में योजना का ब्लूप्रिंट तैयार हुआ और इसकी कमान सौंपी गई लखनऊ में पदस्थ असिस्टेंट डायरेक्टर इंजीनियरिंग प्रकाश शुक्ला को, जो कानपुर के निवासी हैं। शुक्ला की मेहनत रंग लाई और पहली बार ग्रीनपार्क स्टेडियम से मैच का सीधा प्रसारण किया गया।
डीएबी कॉलेज की छत पर लगाया गया था एंटीना
डायरेक्टर इंजीनियरिंग के पद से रिटायर्ट ग्रीनपार्क के फ्रेंड्स एंक्लेव निवासी प्रकाश शुक्ल बताते हैं कि सीधे प्रसारण के लिए हमें ट्रांसमीटर, एंटीना, स्पॉट शूटिंग के लिए कैमरा और कैमरा सेलेक्शन के लिए कंट्रोल पैनल की जरूरत थी। यहां कोई सेटअप था ही नहीं। तब स्टेडियम के नजदीक स्थित डीएवी कॉलेज के गुंबद की ऊंचाई को पर्याप्त मानते हुए उस पर एंटीना लगाया गया। कॉलेज के हॉल में ट्रांसमीटर लगाया गया। मैदान में 15 वीडियो कैमरे लगाए गए, जिसमें एक ऊंचा टावर खड़ा कर उस पर लगाया। वहीं, कंट्रोल रूम एक वैन में बनाया गया। शुक्ला के मुताबिक, इतने उपकरणों की केबिल का बंच मोटा हो गया था। उसे सुरक्षित कैमरों से ट्रांसमीटर तक जोड़ना था। तब स्टेडियम से कॉलेज तक जमीन से लगभग दस फुट की ऊंचाई पर लोहे का एक पाइप बांधा गया, उस पर केबिल को बांधा गया।
15 कैमरे के जरिए किया गया प्रसारण
प्रकाश शुक्ला ने बताया कि तब दूरदर्शन के लिए चैनल नंबर चार आवंटित था। अपने मुताबिक चैनल सेट करने की सुविधा नहीं थी। कानपुर से प्रसारण की व्यवस्था हुई तो सवाल उठा कि चैनल नंबर चार पर इसे दिखाया नहीं जा सकता, क्योंकि उस पर लखनऊ दूरदर्शन के कार्यक्रम चलेंगे। फिर चैनल नंबर सात कानपुर के उस मैच के लिए बनाया गया। तब पूरे देश में प्रसारण नहीं होता था। पहले से स्थापित छह दूरदर्शन स्टेशन के अलावा कानपुर में उसका सीधा प्रसारण हुआ था। इस टेस्ट मैच की सीधा प्रसारण सिर्फ कानपुर में हुआ। 1976 मैच के गवाह रहे दिपील कुमार बताते हैं कि अब तो दर्जनों स्पोर्ट के चैनल आ गए हैं और कई एंग्गल से मैचों का प्रसारण करते हैं। कहते हैं, उस वक्त मैच के प्रसारण के लिए महज 15 कैमरे स्टेडियम में लगे थे, जिसके चलते मैच का हर एक दृश्य दर्शक नही उठा पाते थे।
31 साल दूधिया रोशनी में खेला जाएगा मैच
1986 को कानपुर के ग्रनपार्क स्टेडियम में पहला एकदिवसीय मैच खेला गया। लेकिन दूधिया रोशनी पाने के लिए इस 31 साल तक इंतजार करना पड़ा। 2002 में सपा सरकार के दौरान तत्कालीन खेलमंत्री ने ग्रीनपार्क में फ्लड लाइट के लिए पैसा आवंटित कर दिया। यहां खंबे भी लग गए, लेकिन 2007 में मायावती की सरकार बनने के बाद काम रोक दिया गया। अखिलेश यादव के सीएम बनने के बाद ग्रीनपार्क में फ्लड लाइट के काम पर तेजी आई और पहला टी-20 मैच 2017 में यहां दूधिया रोशनी में खेला गया। पहला ग्रीनपार्क में पहला आइपीएल मैच 19 मई 2016 को खेला गया। भारत ने अपना 500 वां टेस्ट मैच 22-26 सितंबर को 2016 खेला था। ग्रीनपार्क में अबतक टेस्ट 22, भारत जीता 7, ड्रा-12, हार 3। वहीं 14 एकदिवसीय में 9 भारत जीता और 4 में हार मिली।
Updated on:
29 Oct 2017, 5:42 PM IST
Published on:
29 Oct 2017, 12:12 PM IST
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