
जानकारों का कहना है कि एक प्रदूषण केंद्र से रोजाना 1-2 हजार रुपए कमाए जा सकते हैं, मतलब महीने में आप 30 हजार से 50 हजार रुपए तक कमा सकते हैं
लखनऊ. अगर कम पूंजी लगाकर ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है। मात्र 10 हजार रुपए के निवेश पर आप प्रतिमाह 30 हजार से 50 हजार रुपए तक कमा सकते हैं। तो फिर अब देर क्यों? तुरंत ही नजदीकी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) में प्रदूषण जांच केंद्र की लाइसेंस लेने के लिए आवेदन करें। दरअसल, केंद्र सरकार ने जब से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू किया है, प्रदूषण जांच केंद्र (Pollution Testing Center) का बिजनेस तेजी से बढ़ा है। नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अगर आपके पास पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं है तो अधिक 10 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जिसके चलते हर छोटी-बड़ी गाड़ी वाला प्रदूषण सर्टिफिकेट जरूर बनवा रहा है। जानकारों का कहना है कि एक प्रदूषण केंद्र से रोजाना 1-2 हजार रुपए कमाए जा सकते हैं। मतलब महीने में आप 30 हजार से 50 हजार रुपए तक कमा सकते हैं। देश का कोई भी नागरिक, फर्म, सोसायटी और ट्रस्ट प्रदूषण जांच केंद्र खोल सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के लोग PUC के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको विभाग की वेबसाइट https://vahan.parivahan.gov.in/puc/ पर जाना होगा, वहां स्टेट कैटेगरी में उत्तर प्रदेश सिलेक्ट करना होगा। मांगी गई पूरी डिटेल भरने के बाद आप आवेदन रजिस्टर कर दें। फिर अप्लीकेशन आईडी डालकर स्टेटस चेक करते रहें।
ऐसे खोल सकते हैं प्रदूषण जांच केंद्र
- प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (RTO) से लाइसेंस लेना जरूरी है।
- इसके लिए नजदीकी आरटीओ ऑफिस में आवेदन कर सकते हैं।
- आवेदन करने के साथ ही 10 रुपए का एफिडेविट देना होगा, जिसमें टर्म एंड कंडीशन भी लिखनी होती हैं।
- इसके अलावा लोकल अथॉरिटी से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट भी लेना होता है।
- उत्तर प्रदेश के लोग PUC के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- लाइसेंस मिलने के बाद प्रदूषण जांच केंद्र कहीं भी पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप के आसपास खोला जा सकता है।
- प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए फीस हर राज्य में अलग-अलग है। इसे आरटीओ ऑफस से पता लगाया जा सकता है, लेकिन कहीं भी यह फीस 10,000 रुपये से ज्यादा नहीं है।
केंद्र खोलने की शर्तें
- पीले रंग के केबिन में ही प्रदूषण जांच केंद्र खोला जा सकता है, जिसकी लंबाई 2.5 मीटर, चौड़ाई 2 मीटर, ऊंचाई 2 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए।
- प्रदूषण केंद्र सेंटर पर लाइसेंस नंबर लिखना अनिवार्य है।
- PUC खोलने के लिए ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मोटर मैकेनिक्स, ऑटो मैकेनिक्स, स्कूटर मैकेनिक्स, डीजल मैकेनिक्स या फिर इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) से प्रमाणित सर्टिफिकेट होना चाहिए।
- प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए कम्प्यूटर सबसे जरूरी है। इसके अलावा USB वेब कैमरा, इंकजेट प्रिंटर, पावर सप्लाई, इंटरनेट कनेक्शन, स्मोक एनालाइजर है।
Updated on:
14 Oct 2020, 11:41 AM IST
Published on:
14 Oct 2020, 11:36 AM IST
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