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पक्ष में आया फैसला, तब भी राम मंदिर बनने में लग जाएंगे तीन साल

अयोध्या मामले में फैसला आने में अब एक महीने से भी कम का समय रह गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतेजार पूरा देश कर रहा है।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

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Updated: 18 Oct 2019, 5:36 PM IST

Ram Mandir

Ram Mandir

अयोध्या. अयोध्या मामले पर फैसला आने में अब एक महीने से भी कम का समय रह गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतेजार पूरा देश कर रहा है। उम्मीद है कि 27 वर्ष बाद आखिरकार मंदिर-मस्जिद विवाद का हल निकलेगा जिसे दोनों समुदाय मंजूर करेंगे। वहीं इसको लेकर चंद्रकांत भाई सोमपुरा बेहद उत्साहित है। यह वह शख्स हैं जिन्होंने राम मंदिर का डिजाइन तैयार किया था और जिसका मॉडल अयोध्या के कारसेवकपुरम में रखा गया है। करीब 100 से ज्यादा मंदिर बनवा चुके वास्तुकार चंद्रकांत भाई सोमपुरा का मानना है कि यदि सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर के पक्ष में आता है तब भी इसके निर्माण में लगभग 3 वर्ष का समय लगेगा। वहीं मंदिर निर्माण में लगभग 40-50 करोड़ रुपए की लागत आ सकती है।

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राजस्थानी पत्थर का होगा इस्तेमाल-
गुजरात में अहमदाबाद के रहने वाले आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में राम मंदिर के निर्माण में आने वाली चुनौतियों, लागत व समय सीमा पर खुलकर बात कही। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण में जो पत्थर लगाए जाएंगे वह राजस्थान के भरतपुर से मंगाये जाते हैं जिन्हें सैंडस्टोन यानी बलुआ पत्थर कहा जाता है। ऐसा नहीं कि यह बलुआ पत्थर से ही पूरे मंदिर में लगाए जाएंगे या सिर्फ इन्हीं का इस्तेमाल होगा। उन्होंने बताया कि फर्श मार्बल का होगा। इसी के साथ ही दिवंगत अशोक सिंहल की इच्छा अनुसार प्लिंथ ग्रेनाइट पत्थर का बनाया जाएगा।

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IMAGE CREDIT: Net

इतने की आएगी लागत-

आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा को मानना है कि मंदिर निर्माण में लगभग 40-50 करोड़ रुपए की लागत आएगी। उन्होंने इसकी बारीकियां की व्याख्या करते हुए कहा कि आज के हिसाब से पत्थर का काम 2000 रूपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से होता है और करीब एक लाख घनफुट का काम बाकी है। सिर्फ इसी काम में 20 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। बाकी काम में 10 से 12 करोड़ की लागत आएगी। वहीं फिटिंग वगैरह में अलग से खर्च आएगा। इस हिसाब से मंदिर निर्माण में लगभग 40-50 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

इतना समय लगेगा-
चंद्रकांत का कहना है कि काम शुरू होने के बाद राम मंदिर के निर्माण में लगभग ढाई से तीन वर्ष का समय लग जाएगा। इसमें पहले फाउंडेशन का काम होगा, जिसमें 6-8 माह का समय लगेगा। साथ ही सीमेंट व चूने को सेट होने में भी काफी समय लगता है। उसके बाद मंदिर निर्माण में पत्थर लगाये जाएंगे। मंदिर के शेप लेने में छह से आठ महीने लगेंगे।