UP Police Meta Alert: इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट पर मेटा कंपनी द्वारा भेजे गए अलर्ट से यूपी पुलिस की ‘सोशल मीडिया सेंटर’ और प्रयागराज पुलिस की तत्परता के कारण मात्र 10 मिनट में युवक तक पहुँच कर उसकी जान बचाने का मामला सामने आया है। यह सफलता उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के समन्वय से संचालित एक प्रणाली की पुष्टि करती है, जो जनवरी 2023 से अब तक 1,195 आत्महत्या प्रयासों में लोगों की जान बचा चुकी है।
घटना की शुरुआत: इंस्टाग्राम पोस्ट से फैली ख़बर
दिनांक 2 अगस्त 2025, रात 22:59 बजे, प्रयागराज के थाना पुरामुफ्ती क्षेत्र का निवासी, 33 वर्षीय युवक, जो शादी-विवाह समारोहों में वेटर का काम करता है, ने इंस्टाग्राम पर आपत्तिजनक पोस्ट किया - “मैं जहर खा लिया”। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर स्पष्ट आत्महत्या संकेत देने वाली थी।
मेटा से अलर्ट, पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया
- – पोस्ट पर स्वचालित तौर पर, मेटा कंपनी ने यूपी पुलिस महानिदेशक कार्यालय के सोशल मीडिया सेंटर को ई‑मेल द्वारा अलर्ट भेजा।
- – पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण द्वारा तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- – सोशल मीडिया सेंटर ने अलर्ट में दिए गए मोबाइल नंबर व लोकेशन की जानकारी तुरन्त प्रयागराज पुलिस को भेजी।
मात्र 10 मिनट में पुलिस का फौरन संपर्क
- – थाना पूरामुफ्ती के थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह नेतृत्व में हमराही टीम मौके पर पहुंची।
- – अलर्ट के मोबाइल लोकेशन के आधार पर युवक के घर पहुंचे और जानकारी ली।
- – युवक कमरे में पड़ा मिला; पूछने पर उसने बताया कि “चूहा मार दवा” (रैट प्वाइजोन) खा ली है।
- – जीवन संकट नजर आने पर थाना प्रभारी ने सरकारी वाहन से बालूक नगर अस्पताल पहुँचाया।
अस्पताल में देखरेख और मानसिक स्वास्थ्य सलाह
- – 3 अगस्त की सुबह युवक की हालत स्थिर हुई।
- – युवक ने बताया कि शादी-विवाह में वेटर के रूप में जो काम करता है, उससे पर्याप्त आमदनी नहीं होती। आर्थिक तंगी के चलते मानसिक अवसाद के शिकार होकर उसने यह कदम उठाया था।
- – थाना प्रभारी ने न केवल अस्पताल में भर्ती करायी, बल्कि युवक को काउंसलिंग भी प्रदान की। युवक ने भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया।
परिजनों और पुलिस प्रति सौहार्द
- – परिजनों ने युवी की जान बचाने में लगाए गए प्रयासों के लिए स्थानीय पुलिसकर्मियों और उत्तर प्रदेश पुलिस को धन्यवाद दिया।
- – यह घटना पुलिस की तत्परता, संगठनात्मक समन्वय व संवेदनशीलता का उदाहरण मानी जा सकती है।
मेटा‑यूपी पुलिस समन्वय प्रणाली का महत्व
- – जनवरी 2022 से चल रही यह व्यवस्था है कि यदि कोई व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंिध पोस्ट करता है, तो मेटा कंपनी तुरंत यूपी पुलिस को ई‑मेल तथा फोन के माध्यम से सूचित करती है।
- – रिपोर्ट के अनुसार 1 जनवरी 2023 से 31 जुलाई 2025 तक इस तत्पर प्रणाली द्वारा 1,195 आत्महत्या प्रयासों को विफल किया जा चुका है और लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता
- – वार्ताओं और आंकड़ों से स्पष्ट है कि आर्थिक संकट, मानसिक अवसाद और असहाय स्थिति आत्महत्या प्रयासों का प्रमुख कारण बनते हैं।
- – सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आत्महत्या संकेत देना आधुनिक समय में स्वस्थ्य चेतावनी संकेत है, जिसे पुलिस-मेटा सहयोग द्वारा समय रहते संभाला जा सकता है।
- – ऐसे मामलों में समयबद्ध काउन्सलिंग, चिकित्सा सहायता और आर्थिक सहयोग भी जीवन रक्षा में भूमिका निभाते हैं।
समन्वय की महत्वपूर्ण रूपरेखा
| स्त्रोत | प्रक्रिया |
| मेटा कंपनी | फेसबुक / इंस्टाग्राम पर आत्महत्या पोस्ट पर पुलिस को ई‑मेल/फोन अलर्ट भेजती है। |
| यूपी पुलिस HQ | सोशल मीडिया सेंटर द्वारा अलर्ट की समीक्षा एवं लोकेशन प्राप्त करना। |
| स्थानीय थाना प्रभारी | प्राप्त जानकारी पर 10‑15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचना तथा सहायता करना। |
| अस्पताल व समर्थन | युवक को अस्पताल में भर्ती कर संरक्षित करना और परिजनों को जानकारी देना। |
प्रशासनिक विचार और भविष्य की योजना
- – यूपी पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने निर्देश दिए हैं कि इस तरह की सभी शिकायतों/पोस्टों पर तत्काल प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
- – सोशल मीडिया सेंटर को और बेहतर बनाने, अलर्ट डैशबोर्ड को सुधारने व उसे तेज़ प्रतिक्रिया प्रणाली से जोड़ने की दिशा में कार्य जारी है।
- – सक्रिय काउन्सलिंग नेटवर्क, सामाजिक कल्याण कार्यक्रम और आर्थिक सहायता योजनाएं युवावस्था में तनाव से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण होंगी।