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डिप्टी सीएम केशव मौर्य हटे इस पद से, इनको दी गई यह जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कंधों पर से एक बड़ी जिम्मेदारी हट गई है।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

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Updated: 25 Jul 2019, 10:32 PM IST

Keshav prasad maurya

Keshav prasad maurya

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम (Uttar Pradesh Deputy CM) केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) के कंधों पर से एक बड़ी जिम्मेदारी हट गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। अब निगम के नए अध्यक्ष प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण होंगे। उन्होंने राज्य निर्माण निगम के अध्यक्ष पद से गुरुवार को इस्तीफा दे दिया है।

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आपको बता दें कि लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव के पास ही राजकीय निर्माण निगम अध्यक्ष का पद रहता है। पिछले कई महीनों से प्रमुख सचिव आवास के पद पर रहते हुए नितिन रमेश गोकर्ण अतिरिक्त कार्यभार के रूप में लोक निर्माण विभाग भी देख रहे थे। हाल ही में शासन ने गोकर्ण को प्रमुख सचिव आवास के पद से हटाते हुए लोक निर्माण विभाग की पूरी जिम्मेदारी दी थी। विभाग को स्थायी प्रमुख सचिव मिल जाने के बाद उप मुख्यमंत्री ने राजकीय निर्माण निगम अध्यक्ष का पद छोड़ा है।

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डिप्टी सीएम को मिली एक और राहत-

वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्य को आज एक राहत भी मिली है। उनके खिलाफ चल रहा एक मुकदमा शासन ने वापस ले लिया है। दरअसल नवम्बर 2017 में केशव प्रसाद मौर्य पर परीक्षा केंद्र में घुसकर गालीगलौज करने के आरोप था जिसको लेकर दाखिल मुकदमा इलाहाबाद की स्पेशल कोर्ट में चल रहा था। शासन ने मुकदमा वापस लिए जाने का निर्देश अभियोजन को दिया था। जिसके बाद यह मुकदमा एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से दाखिल मुकदमा वापस लिए जाने की अर्जी मंजूर कर ली है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ राधा कृष्ण मिश्र, एडीजीसी राजेश गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुंज बिहारी मिश्र को सुनकर दिया है।