
खुशखबर, लखनऊ में बनेगा स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, 80 हेक्टेयर जमीन 1 रुपए लीज रेंट पर देने की कैबिनेट की मंजूरी
लखनऊ. cabinet meeting decision खुशखबर, ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण अब यूपी की राजधानी लखनऊ में होगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ ने जहां इसके लिए हामी भरी है वहीं यूपी कैबिनेट ने अपने नियमों में कुछ ढील दे कर इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए भूमि व स्टांप ड्यूटी में छूट प्रदान की है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल बनाने के लिए यूपी सरकार ने 80 हेक्टेयर जमीन एक रुपए के लीज रेंट पर डीआरडीओ को देने की अनुमति दी है। ब्रह्मोस उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में स्वदेशी तकनीक से विकसित होने वाली उच्च तकनीक की मिसाइल होगी।
स्टाम्प ड्यूटी में सौ फीसद छूट :- सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में डीआरडीओ ब्रह्मोस रक्षा मंत्रालय के पक्ष में 80 हेक्टेयर भूमि निशुल्क सिर्फ एक रुपए के टोकन वार्षिक लीज रेन्ट पर देने तथा भूमि क्रय पर 100 फीसद की स्टाम्प ड्यूटी से छूट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
सरोजनीनगर में 80 हेक्टेयर भूमि चिन्हित :- राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर में इस परियोजना के लिए 80 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गयी है। ब्रह्मोस उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कारिडोर के लखनऊ नोड में स्वदेशी तकनीक से विकसित होने वाली उच्च तकनीक की मिसाइल होगी। स्वदेशी ब्रह्मोस के निर्माण से देश की न केवल सैन्यशक्ति मजबूत होगी बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी बल मिलेगा जिसमें उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका होगी।
डीआरडीओ करेगा 9,300 करोड़ रुपए का निवेश :- इस परियोजना में डीआरडीओ अाने वाले पांच से सात वर्षों में कुल 9,300 करोड़ रुपए निवेश करेगा। किया जाएगा। लगभग 500 अभियंताओं व तकनीकी लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त करीब 1500 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त मिलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त अनेक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम इकाइयों की स्थापना के अवसर उपलब्ध होंगे। जिसकी वजह से यूपी को भारी मात्रा में राजस्व की प्राप्ति होगी।
यूपी में हर साल 100 मिसाइलें बनेंगी :- ब्रह्मोस को रूस के साथ मिलकर विकसित किया गया है। तीनों सेनाएं इसका इस्तेमाल कर रही हैं। जमीन मिलने के तीन महीने के भीतर इकाई का निर्माण शुरू हो जाएगा। डीआरडीओ के पास तीनों सेनाओं से 42 हजार करोड़ रुपए के 1600 मिसाइलों के ऑर्डर हैं। दूसरे देशों ने भी इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई है। अभी हैदराबाद, नागपुर और पिलानी में निर्माण इकाइयां हैं। वर्ष 2024-25 से यूपी में हर साल 100 मिसाइलें बनेंगी। इससे चार वर्षों में राज्य को करीब 1440 करोड़ रुपए जीएसटी के तौर पर मिलेंगे।
Published on:
23 Oct 2021 09:25 am
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