31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एमएलसी उपचुनाव में सपा की हार पर भड़की मायावती, बोली- दलितों और पिछड़ों के प्रति अखिलेश की षड्यंत्रकारी नीति नहीं बदली

Mayawati News: यूपी एमएलसी उपचुनाव के नतीजे आने के बाद बीएसपी चीफ मायावती ने सपा पर भड़क उठी। उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ों के प्रति सपा की षड्यंत्रकारी नीति नहीं थोड़ी भी नहीं बदली है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Anand Shukla

•

Updated: 30 May 2023, 5:48 PM IST

mayawati.jpg

बीएसपी चीफ ने सपा पर तंज कसते हुए आरोप लगाया।

Mayawati News: यूपी एमएससी उपचुनाव में सोमवार को सपा के दोनों उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद बसपा सुप्रीमों मायावती ने सपा पर तंज कसते आरोप लगाया। मायावती ने कहा कि दलितों और पिछड़ों के प्रति सपा की षड्यंत्रकारी नीति थोड़ी भी नहीं बदली है। इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों वर्ग को सपा से सावधान रहने की अपील की।

बसपा सुप्रीमों मायावती ने मंगलवार को सिलसिले वार दो ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “यूपी विधान परिषद की दो सीटों के लिए कल हुए उपचुनाव में, हार निश्चित होने के बावजूद, चुनाव में सपा द्वारा दलित व ओबीसी उम्मीदवार को खड़ा करना, हरवाना तथा ज्यादा संख्या बल होने पर इनकी अनदेखी करना यह साबित करता है कि इन वर्गों के प्रति सपा की षडयंत्रकारी नीति थोड़ी भी नहीं बदली।”

यह भी पढ़ें: सीएम योगी बोले- दुनिया को आतंकवाद की भट्ठी में झोंकने वाला आज एक- एक रोटी के लिए तरस रहा
घृणित राजनीति से दलितों, पिछड़ों का अहित होता है: मायावती
मायावती ने आगे लिखा, “सपा और इनकी रही सरकारों के दौरान इनकी ऐसी ही संकीर्ण और घृणित राजनीति से दलितों, अन्य पिछड़ों और अक्लियत समाज के लोगों का काफी अहित होता रहा है। इसीलिए आगे ऐसे नुकसान से बचने के लिए इन वर्गों के लोगों को हमेशा बहुत ही सावधान रहने की सख्त जरूरत है, बीएसपी की यह अपील।

आचार्य के इस्तीफे और दोहरे निधन के बाद खाली हुई सीट
बता दें कि सोमवार को लक्ष्मण आचार्य के इस्तीफे और बनवारी लाल दोहरे के निधन के बाद इन दोनों सीटों पर उपचुनाव हुआ। सिक्किम के राज्यपाल बनाए गए आचार्य का कार्यकाल जनवरी 2027 तक था जबकि बनवारी लाल का कार्यकाल जुलाई 2028 में समाप्त होना था।

यह भी पढ़ें: Shahjahanpur News: 14 महीने के बाद भारत लौटा ठेकेदार का शव, सऊदी अरब में हो गई थी हत्या

ऐसे में माना जा रहा था कि सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव जीत जाएंगे। क्योंकि विधानसभा में संख्या बल भाजपा के पक्ष में है। लेकिन 18 मई को सपा के उम्मीदवारों ने नामांकन के अंतिम दिन पर्चा दाखिल कर सबको चौंका दिया था। भाजपा ने पिछड़ा वर्ग से आने वाले राम जतन राजभर और अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाले राम करण निर्मल को अपना उम्‍मीदवार बनाया था। वहीं सपा ने रामकरण निर्मल और रामजतन राजभर को मैदान में उतारा था।