
बसपा प्रमुख मायावती (photo- x@Avanish79054119)
Mayawati Big Statement: वंदे मातरम के गायन को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने इसे लेकर राजनीति करने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ सभी राजनीतिक दलों से बेरोजगार युवाओं, छात्र-छात्राओं और देश के कई हिस्सों में बाढ़ से हो रही जान-माल की क्षति जैसे गंभीर जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा कि वंदे मातरम को पूरा गाया जाए, शुरुआती दो छंद गाए जाएं या इसे न गाया जाए, इसको लेकर देश में जिस तरह की राजनीतिक बहस चल रही है, वह उचित नहीं है।
BSP प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि वंदे मातरम के गायन को लेकर हाल ही में संसद में पारित किया गया कानून कोई पहली घटना नहीं है। सत्ता परिवर्तन के दौरान केंद्र और राज्यों में राजनीतिक दल अपने हितों के अनुसार पहले बने कानूनों में बदलाव करते रहे हैं।
उन्होंने X पर पोस्ट किया, '' इस समय देश व जनहित के मुद्दों पर व ख़ासकर बेरोज़गार युवाओं व छात्र-छात्राओं ’जेन-जी’ व स्कूली बच्चे-बच्चियों की ’जी-अल्फा’ एवं इस समय देश के कुछ भागों में भयंकर आई बाढ़ से हो रही जान-माल की हानि आदि के अनेकों और भी अति-महत्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्र व सभी राज्य सरकारों को तथा साथ ही सभी राजनैतिक पार्टियों को भी सही से समुचित ध्यान देना चाहिये, यही वर्तमान में देश व जनहित में समय की सबसे ज़रूरी मांग भी है।''
मायावती ने कहा कि कई बार राजनीतिक दल अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को सामने लाते हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में बदलाव के साथ पार्टियां एक-दूसरे की ओर से बनाए गए कानूनों में बदलाव करती रही हैं। उनके मुताबिक, मौजूदा समय में राजनीतिक दलों को ऐसे विषयों के बजाय देश और आम जनता से जुड़े जरूरी मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
BSP प्रमुख ने बेरोजगार युवाओं और छात्र-छात्राओं यानी जेन-जी के साथ-साथ स्कूली बच्चे-बच्चियों की जेन-अल्फा पीढ़ी से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने केंद्र और सभी राज्य सरकारों के साथ राजनीतिक दलों से अपील की कि नई पीढ़ी के भविष्य, रोजगार और शिक्षा से जुड़े विषयों पर समुचित ध्यान दिया जाए। मायावती ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यही देश और जनहित में समय की सबसे जरूरी मांग है।
मायावती ने देश के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ से हो रही जान-माल की क्षति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकारों और राजनीतिक दलों को प्रभावित लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, छात्रों से जुड़े मुद्दों और बाढ़ जैसी आपदाओं को गंभीर जनहित के विषय बताते हुए इन पर प्राथमिकता के साथ काम करने की जरूरत बताई।
वंदे मातरम को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच जारी इस राजनीतिक बहस के बीच मायावती ने दोनों पक्षों से इतर बेरोजगारी, छात्रों की समस्याओं और बाढ़ जैसी जनहित से जुड़ी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत बताई है।
Updated on:
21 Aug 2026 10:47 am
Published on:
21 Aug 2026 10:47 am
