
बसपा प्रमुख मायावती। PC- ANI
BSP Mayawati: वंदे मातरम के गायन को लेकर देश में गरमाई राजनीति पर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती का बयान सामने आया है। बसपा सुप्रीमो ने इस मुद्दे पर सियासत करने वाले दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर राजनीति करना बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों को जनहित के बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखते हुए मायावती ने कहा कि वंदे मातरम को पूरा गाया जाए, केवल शुरुआत के दो छंद गाए जाएं या इसे न गाया जाए, इस बात को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह अनुचित है। संसद में पारित हुए कानून का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के दौरान पार्टियां अपने राजनीतिक स्वार्थ और अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अक्सर ऐसे कदम उठाती रहती हैं।
मायावती ने जोर देकर कहा कि इस समय देश के सामने कई अन्य गंभीर और अति-महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। सरकारों और राजनीतिक दलों को बेरोजगार युवाओं, छात्र-छात्राओं, 'जेन-जी', स्कूली बच्चों 'जेन-अल्फा' की समस्याओं और देश के विभिन्न हिस्सों में आई भीषण बाढ़ से हो रहे जान-माल के नुकसान पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन बुनियादी समस्याओं का समाधान खोजना ही इस वक्त देश और जनता की सबसे बड़ी जरूरत है।
गौरतलब है कि वंदे मातरम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच यह विवाद 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान शुरू हुआ था। भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय का एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि राष्ट्रगीत के दौरान सोनिया गांधी ने इसे रोकने का प्रयास किया। दूसरी ओर, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया था कि पूरा वंदे मातरम गाया गया था और सोनिया गांधी का इशारा पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने को लेकर था।
Updated on:
21 Aug 2026 10:16 am
Published on:
21 Aug 2026 09:35 am
