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योगी आदित्यनाथ : यूपी में बनेंगे फार्मास्यूटिकल पार्क, बुंदेलखंड को पेयजल समस्या से किया जाएगा मुक्त

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने सोमवार को नई फार्मास्यूटिकल नीति का प्रस्तुतिकरण किया गया।
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लखनऊ

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 10 Apr 2018, 4:38 PM IST

Pharmaceutical Park will built by CM Yogi Adityanath in UP

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने सोमवार को नई फार्मास्यूटिकल नीति का प्रस्तुतिकरण किया गया। यूपी में इस नीति के लागू होने पर यूपी दवा निर्माण का बहुत बड़ा हब बनेगा और यहां उद्यमी फार्मा पार्क के जरिए निवेश भी किया जा सकेगा। सीएम आफिस में सोमवार रात नीति के मसौदे को सीएम के सामने प्रस्तुत किया गया।

उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देना

फार्मास्युटिकल पार्क के तहत विनिर्माण क्षेत्र, परीक्षण क्षेत्र-एपीआई फामरूलेशन, शीत भण्डारण और गोदाम, स्टैंडअलोन पावर स्टेशन, एफ्लूएन्ट ट्रीटमेन्ट प्लाण्ट आदि विकसित किए जा सकेंगे। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में फार्मा उद्योग, फार्मास्युटिकल पार्का की स्थापना, औषधि अनुसंधान, अनुसंधान एवं विकास संस्थानों की सहायता से बौद्धिक सम्पदा तथा अनुसंधान एवं विकास तथा आयुष उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देना है।

समस्याओं का पहले होगा भौतिक सत्यापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बुंदेलखंड क्षेत्र में पेयजल की कमी सबसे ज्यादा है इसलिए किसी भी हाल में बुंदेलखंड की इस पेयजल समस्या को जल्द दूर किया जाए और कहा कि मेरे सामने कोई झूठी सूचनाएं व आंकड़ों की बाजीगरी नहीं चलेंगी। अगर ऐसी समस्याएं सामने आती हैं तो उन समस्याओं का सबसे पहले भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। उसके बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। वह स्वयं भी बुंदेलखंड के दौरे पर जाएंगे और पेयजल समस्या पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनहेंने सोमवार को बुंदेलखंड में पेयजल की समस्या के बारे में समीक्षा बैठक की थी।

जल संरक्षण के कार्यों को रखें जारी

सीएम योगी ने ये भी कहा कि बुंदेलखंड में मनरेगा स्तर पर जल संरक्षण के कार्यों को अभियान के रूप में चलाया जाए। ज्यादा से ज्यादा तालाब खुदवाये जाए जिनमें सहभागिता अधिक हो सके। उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान खोदे गए तालाबों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश मण्डलायुक्त/जिलाधिकारियों को दिए हैं।