
लखनऊ की महापौर ने भेंट की नगर की प्रतीकात्मक चाभी, शहर में उत्साह और गरिमा का वातावरण (फोटो सोर्स : Municipal Corporation WhatsApp Group)
President Draupadi Murmu: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शुक्रवार को लखनऊ आगमन राजधानी के राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक विशेष ऊर्जा लेकर आया। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ प्रदेश सरकार के उच्च पदाधिकारी, जनता के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों का विस्तृत दल मौजूद था। वातावरण में जोश के साथ-साथ वह परंपरागत लखनऊ वाली तहज़ीब और मेहमाननवाज़ी भी साफ झलक रही थी, जिसके लिए यह शहर पूरे देश में प्रसिद्ध है।
स्वागत समारोह का सबसे विशिष्ट और आकर्षक क्षण वह रहा, जब लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने राष्ट्रपति को लखनऊ शहर की पारंपरिक चाभी भेंट की। लखनऊ में “चाभी भेंट करना” केवल औपचारिकता नहीं होती, बल्कि यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान, आत्मीय स्वागत, शहर की ओर से पूर्ण अधिकार और सम्मान प्रदान करने की परंपरा का प्रतीक है।
किसी विशिष्ट अतिथि को नगर की चाभी देना यह संदेश देता है कि शहर अपने अतिथि को अत्यंत मान-सम्मान के साथ अपनाता है। यह परंपरा नवाबी दौर से चली आ रही है और आज भी लखनऊ की गंगा–जमुनी तहजीब का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। राष्ट्रपति द्वारा चाभी ग्रहण करने के बाद उपस्थित भीड़ में उत्साह, गर्व और भावनात्मक गौरव का मिश्रण स्पष्ट दिखाई दिया।
चाभी प्राप्त करने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने लखनऊवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि लखनऊ अपनी सभ्यता, साहित्य, कला, संस्कृति और भाषा के लिए पूरे देश में खास पहचान रखता है। यहाँ आकर उन्हें हमेशा विशेष आत्मीयता और सम्मान का अनुभव होता है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की विकास यात्रा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है और यहाँ की जनता की ऊर्जा और प्रगति की दिशा देश को मजबूती देती है। राष्ट्रपति ने विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण में उत्तर प्रदेश की भूमिका की सराहना की और कहा कि राज्य ने अनेक क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की मिसाल पेश की है।
इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास गति तेज़ी से बढ़ रही है और राष्ट्रपति का यह दौरा प्रदेश की सकारात्मक छवि को और अधिक सशक्त करेगा। यह राज्य के लिए गौरव और प्रेरणा दोनों है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि राष्ट्रपति का आगमन महिलाओं, युवाओं और समाज के पिछड़े वर्गों के लिए नई ऊर्जा का संचार करेगा। उनकी उपस्थिति ही प्रेरक है।
राष्ट्रपति मुर्मू के आगमन के दौरान एयरपोर्ट परिसर विशेष रूप से सजाया गया था। स्थानीय कलाकारों ने अवध संस्कृति,कथक नृत्य,लोकगीत प्रस्तुतियों के माध्यम से आयोजन को और भव्य बनाया। स्कूलों के छात्रों ने “अतिथि देवो भवः” थीम पर छोटे सांस्कृतिक प्रदर्शन किए, जिससे वातावरण में उत्साह और स्वतःस्फूर्त भावनाएँ उमड़ आईं। लखनऊ के नागरिकों, सामाजिक समूहों और सांस्कृतिक संस्थाओं की उपस्थिति इस बात का प्रतीक थी कि राजधानी इस ऐतिहासिक क्षण को अपनी स्मृति में संजोना चाहती थी।
राष्ट्रपति का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था। यह प्रशासनिक दृष्टि से भी विशेष महत्व लिए हुए है। राजधानी लखनऊ में चल रहे विकास कार्य,शहरी सौंदर्यीकरण,सांस्कृतिक पुनरुद्धार,बुनियादी ढांचे की सुधार योजनाएं,स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट,
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण योजना को प्रदर्शित करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति के लिए कई सांस्कृतिक स्थलों,शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम तय किए गए हैं।
लखनऊ के नागरिकों ने राष्ट्रपति के प्रति गर्व और सम्मान व्यक्त किया। एयरपोर्ट से लेकर शहर के कई हिस्सों में फूलों की सजावट, स्वागत बैनर, सांस्कृतिक झांकियां तैयार की गईं। लोगों के चेहरे पर उत्साह और गर्व मिश्रित भाव साफ दिखाई दिए। कई नागरिकों ने कहा कि लखनऊ में राष्ट्रपति का आगमन हमेशा शहर के लिए सम्मान की बात होती है और इस बार यह अवसर और भी विशेष रहा क्योंकि उन्हें शहर की चाभी भेंट की गई।
लखनऊ अपनी “नवाबी तहज़ीब”, “अदब”, “कला”, “साहित्य” और “मेहमाननवाज़ी” के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रपति के स्वागत में जो गरिमा और विनम्रता दिखाई दी, उसने यह सिद्ध कर दिया कि यह शहर आज भी अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। चाभी भेंट करना, अपनापन, सम्मान, विश्वास की अनोखी परंपरा है, जो लखनऊ को और शहरों से अलग बनाती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का लखनऊ आगमन राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक, गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षण बन गया। उनका यह दौरा लखनऊ की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा, राज्य की विकास परियोजनाओं को गति देगा, सांस्कृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ाएगा,और प्रदेश की सकारात्मक छवि को और भी मजबूत बनाएगा। लखनऊ की चाभी भेंट किए जाने का यह क्षण लंबे समय तक शहर की स्मृतियों में दर्ज रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सम्मान की विरासत बनकर रहेगा।
Published on:
28 Nov 2025 02:50 pm
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