
बसपा प्रमुख मायावती और सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ( ANI Photo)
Mayawati BSP Controversy: बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर चल रहे विवाद के बीच समाजवादी पार्टी ने मायावती पर बड़ा हमला बोला है। अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने और मायावती के इसे सही कदम बताए जाने पर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने बसपा की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश चुनाव में तीन से चार महीने बचे हैं, लेकिन बसपा अभी तक यह तय नहीं कर पा रही कि पार्टी में कौन रहेगा और कौन जाएगा। सपा ने मायावती पर बाबा साहेब के सपने से दूर जाने का आरोप लगाया।
सपा प्रवक्ता ने आकाश आनंद को बसपा से निकाले जाने के मुद्दे पर मायावती पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश चुनाव में अब मुश्किल से 3 से 4 महीने बचे हैं, तब दूसरी पार्टियां अपने प्रत्याशियों, योजनाओं और रैलियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। वहीं, बहुजन समाज पार्टी अभी तक यह तय नहीं कर पा रही है कि पार्टी में कौन रहेगा और कौन जाएगा। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि ऐसा दिन आना तय था। उन्होंने कहा कि मायावती और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का साझा किया गया बड़ा सपना अब बसपा के जरिए पूरा होता नहीं दिख रहा।
मायावती के अशोक सिद्धार्थ को लेकर किए गए पोस्ट पर भी सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बसपा में काफी समय से अंदरूनी खींचतान चल रही है। कभी आकाश आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी दी जाती है, फिर उन्हें हटा दिया जाता है। इसके बाद वापस लाने के लिए शर्त रखी जाती है कि पहले किसी दूसरे नेता को राजनीति छोड़नी होगी। आशुतोष वर्मा ने कहा कि इन फैसलों से साफ है कि मायावती अब सिर्फ अपने बारे में सोच रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि बहुजन समाज पार्टी का अब बहुजन समाज से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। जिस तरह बहुजन समाज पार्टी के अंदर लगातार खींचतान चल रही है, कभी आकाश आनंद को रखा जाता है, कभी हटाया जाता है, फिर वापस लाया जाता है और दोबारा हटा दिया जाता है। अब उनकी वापसी के लिए यह शर्त रखी जा रही है कि फलां व्यक्ति इस्तीफा दे। इससे आप समझ सकते हैं कि वह सिर्फ अपने बारे में सोच रही हैं।
दरअसल, अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है। इसके बाद मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर उनके फैसले को सही कदम बताया। उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेने का फैसला बहुत देर से उठाया गया, लेकिन सही कदम है। मायावती ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने यह फैसला पहले ले लिया होता तो BSP, बहुजन समाज, बहुजन मूवमेन्ट और उनके दामाद आकाश आनन्द को लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
Updated on:
10 Sept 2026 11:45 am
Published on:
10 Sept 2026 11:45 am
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