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सरकारी स्कूलों में बच्चों के पास नहीं हैं किताबें, प्रदेश सरकार कराएगी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग की पढ़ाई

UP Government School: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के स्थिति से हर कोई वाकिफ है। कभी किताबें नहीं होती कभी शिक्षक गायब होते हैं। ऐसे में सरकारी में बच्चों को एक खास तोहफा दिया।

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लखनऊ

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Snigdha Singh

Aug 07, 2022

Students not have books in government schools government conduct artificial intelligence and coding studies

Students not have books in government schools government conduct artificial intelligence and coding studies

उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा दी जाएगी। एक तरफ जहां सरकारी स्कूल के छात्रों के पास किताबें नही हैं, वहीं टेक्नोलॉजी से जोड़ने की योजना के तहत अब उन्हें स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग की भी पढ़ाई कराई जाएगी। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि कैसे? जुबानी या फाइलों में। सरकार द्वारा किए जा रहे दावों को कैसे सच मान लिया जाए, जब अभी छात्रों को किताबें ही नहीं मिल पा रही हैं। यहां तक कि बच्चों की पढ़ाई के लिए कुर्सी-मेज और सिर के ऊपर छत नहीं है। लेकिन यूपी सरकार के परिषदीय स्कूलों में कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई होगी।

प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्रों के साथ-साथ बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में भी कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई कराई जाएगी। सिर्फ इतना ही नहीं, बच्चों को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस (Financial Intelligence) और बिजनेस इंटेलिजेंस ( Business Intelligence) की भी पढ़ाई कराई जाएगी। यूपी के बेसिक शिक्षा विभाग ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। इस योजना के पहले चरण में केजीबीवी की छात्राओं को कोडिंग सिखाई जाएगी। बच्चों को प्राइमरी लेवल से कोडिंग के एक-एक पहलू की पढ़ाई कराई जाएगी।

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स्मार्ट स्कूल का भी था दावा

बता दे कि प्रदेश सरकार ने यूपी के स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने के निर्देशित किया था। प्रदेश में अब तक आधे स्कूल भी स्मार्ट नहीं बने। खानापूरी के नाम पर कुछ स्कूलों में कम्पयूटर प्रोजेक्टर लगा दिया गया। इसके अलावा इटावा समेत कई जिलों में बच्चों के लिए स्कूल नहीं है। स्कूल हैं भी तो जर्जर हो गए है। जान हथेली पर लेकर बच्चे पढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकार सिर्फ नए आदेश जारी करती नजर आ रही है, व्यवस्थाओं को लेकर सख्त नहीं दिखाई।

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