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बलरामपुर अस्पताल में खामियां देख भड़के डिप्टी सीएम ने लगाई फटकार

मरीजों की भर्ती को लेकर दी हिदायत, लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं होगी। सीएमएस को किया तलब, दिखाई अस्पताल की कमिया।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Apr 01, 2023

 भर्ती में लेटलतीफी देख भड़के मंत्री

भर्ती में लेटलतीफी देख भड़के मंत्री

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बलरामपुर अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंच गए। यहां इमरजेंसी के सामने बाहर अव्यवस्था को देखकर भड़के पाठक का पारा उस वक्त और चढ़ गया। जब इमरजेंसी में कैजुअल्टी के बाहर स्ट्रेचर पर सामने कई मरीज लेटे मिले। यहां इलाज के अभाव में मरीज तड़प रहे थे। तीमारदारों ने कहा कि सर यहां हमारे मरीज को अभी तक भर्ती नहीं किया गया।

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भर्ती में लेटलतीफी देख भड़के मंत्री
डिप्टी सीएम ने ईएमओ को बुलाया। ईएमओ डॉ. धीरज तिवारी से भर्ती में हो रही देरी की वजह पूछी। एक मरीज का इलाज संबंधी दस्तावेज देखा। मरीज 9.10 बजे लाया गया और 10 बजे तक उसकी भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। भर्ती में लेटलतीफी की डॉ. धीरज ठोस वजह नहीं बता पाए तो डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई और कहा कि किसी मरीज को 40 मिनट बाद भी इलाज शुरू नहीं हो पाना चिंताजनक है। उन्होंने चिकित्सकों को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए। इमरजेंसी मेडिकल अफसर को तुरंत मरीज की भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी।

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सुपरवाइजर की भी लगी क्लास

डिप्टी सीएम इमरजेंसी पंजीकरण कक्ष पहुंच गए। यहां मौजूद कर्मचारियों में पहले से दहशत थी। यहां रैक में इस्तेमाल किए गए, चाय के जूठे कप रखे थे। डिप्टी सीएम ने पूछा कि ये कप यहां क्यों और किस वजह से रखा गया है। इसका कारण सुपरवाइजर दिनेश नहीं बता सके। कम्प्यूटर के आस-पास धूल जमा हुआ था। सफाई व्यवस्था को देखकर पाठक ने नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल सफाई के निर्देश दिए। साथ ही तारों का मकडज़ाल दुरुस्त करने की भी हिदायत दी।

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ऑपरेशन थिएटर में दिखा अँधेरा

इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर के पहले हॉल में अंधेरा छाया हुआ था। भवन में कई हिस्सों में टाइल्स टूटे थे। पानी और बिजली की पाइप लाइन गड़बड़ थी। डिप्टी सीएम ने कहा कि इस स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। इसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ लिली सिंह और इंजीनियर से फोन पर वार्ता कर जल्द अस्पताल की समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। इमरजेंसी के बाहर गंदगी की नियमित सफाई के लिए कहा।

अस्पताल के बाहर की दवा का मिला पर्चा

यहां अस्पताल में डिप्टी सीएम से लगातार बाहर की दवाएं लिखे जाने की जानकारी मिली थी। डिप्टी सीएम ने तीमारदारों से पूछा कि आप लोगों को दवा बाहर से खरीदनी पड़ती होगी या इस अस्पताल में मुहैया कराई जाती है। डिप्टी सीएम को तीमारदारों ने बताया कि डॉक्टर दवाएं और जांच अस्पताल से कराने की सलाह दे रहे हैं। सभी दवाएं अस्पताल से मिल रही हैं। पाठक ने कहा कि बिना डरे बताएं। डॉक्टर मरीज को बाहर की दवा जांच तो नहीं लिख रहे हैं? लिख रहे हैं तो बिना डरे बताएं। हालांकि इस दौरान मंत्री को कोई शिकायत नहीं मिली।

मरीजों ने की डॉक्टर की तारीफ

मंत्री ने अस्पताल निदेशक डॉ. रमेश गोयल, सीएमएस डॉ जीपी गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी को कहा कि आपकी मेहनत का नतीजा है। मरीज तारीफ कर रहे हैं। उनके बाद डिप्टी सीएम पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट और सुपर स्पेशलिटी विभाग पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुराने भवन के स्थान पर नई बिल्डिंग बनाएं। एक छत के नीचे मरीजों को सभी सुविधाएं दें। निदेशक डॉ. रमेश गोयल, सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी को नियमित राउंड लेने व मरीजों की सुविधाओं को बेहतर करने की हिदायत दी।

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