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बिजली चोरी कर के जगमग हो रहे आशियाने; दो-दो हो चुकी FIR, जुर्माना 20 लाख लेकिन एक धेला जमा नहीं

Lucknow News: बिजली चोरी कर के आशियाने जगमग हो रहे हैं। मामले को लेकर FIR भी दर्ज हुई। जुर्माना 20 लाख का लगा लेकिन एक धेला भी जमा नहीं करवाया गया।
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लखनऊ

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Harshul Mehra

Jul 22, 2025

चोरी का मामला- फोटो सोर्स-Ai

चोरी का मामला- फोटो सोर्स-Ai

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी करने के मामले सामने आया है। बिजली चोरी करने की FIR इस साल FCI उपकेंद्र के दोना गांव निवासी इब्राहिम के खिलाफ दर्ज की गई। 3 और 8 जून को छापा मारा गया। 10-10 किलोवाट की बिजली चोरी मौके पर पकड़ी गई। आरोपी पर करीब 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया लेकिन अब तक जुर्माने का एक धेला भी जमा नहीं हुआ है। आरोपी का घर बिजली से आज भी जगमग है।

दो-दो बार हो चुकी है FIR

वहीं एक दूसरे मामले की बात करें तो 29 सितंबर 2022 और 4 जनवरी 2025 को नूरबाड़ी उपकेंद्र के छोटे साहब आलम रोड निवासी सिराज हुसैन के घर बिजली चोरी पकड़ी गई। मामले में चेकिंग दस्ते ने कनेक्शन काट दिया और आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई। शाम तक आरोपी सिराज ने खुद ही दोबारा बिजली जोड़ ली।

बिजली चोरी को लेकर सख्त कार्रवाई का प्रावधान नहीं

एक से ज्यादा बार बिजली चोरी करने पर गिरफ्तारी जैसी कठोर कार्रवाई का प्रावधान बिजली नगर निगम ने किया होता तो सालाना कई अरब रुपये का नुकसान होने से बच जाता। बिजली चोरी को लेकर सख्त कार्रवाई का प्रावधान नहीं होने के चलते वैध उपभोक्ताओं को दो-दो बार बिजली चोरी करते पकड़ा जा चुका है।

निगम का बढ़ रहा है घाटा

राजधानी में बिजली चोरों के खिलाफ चेकिंग दस्ते केवल बिजली थाना में FIR ही दर्ज करवा सके। ऐसे लोगों के खिलाफ बिजली थाने से शिकंजा नहीं कसा गया। इसी वजह से निगम का घाटा बढ़ रहा है। साथ ही ईमानदार उपभोक्ताओं की बिजली की दरें बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली चोरी की रकम को वसूलने की सख्ती करने के बजाय सिर्फ रस्मअदायगी ही XEN ने की है।

नोटिस में दी जाती है 30 दिन में जुर्माना भरने की चेतावनी

बता दें कि बिजली चोरी के मामले में बिजली चोर को पहले धारा-3 का नोटिस XEN द्वारा जारी किया जाता है। 30 दिन के भीतर जुर्माना जमा करने की चेतावनी इस नोटिस में दी जाती है। 30 दिन में अगर आरोपी जुर्माना नहीं भरता है तो उस केस को कुर्की करने के लिए तहसील को भेज दिया जाता है। ऐसा करते ही XEN अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाते हैं। बिजली चोरी की रकम को वसूलने के बजाय तहसील के जिम्मेदार सेटिंग कर देते हैं।

डिफॉल्टरों की निगरानी कराने के निर्देश

सोमवार को बिजली चोरों को लेकर राजधानी के चारों जोन के मुख्य अभियंता रजत जुनेजा, वीपी सिंह, रवि अग्रवाल और सुशील गर्ग ने बैठक की। साथ ही निर्देश दिया कि बिजली चोरों से जुर्माना वसूलें, नहीं तो बिजली काटकर उनके घरों में अंधेरा कर दें। इसके अलावा सुबह-शाम ऐसे डिफॉल्टरों की निगरानी कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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