
अयोध्या में NSG हब, 14 हजार स्मार्ट स्कूल, किसानों को सस्ता कर्ज और 900 नई अदालतों पर फैसला संभव (फोटो सोर्स :file photo, Ritesh Singh )
UP Yogi Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में करीब 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी की संभावना जताई जा रही है। एजेंडे में सुरक्षा, शिक्षा, किसान, परिवहन, रोजगार, न्याय व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कई अहम विषय शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें अयोध्या में एनएसजी का क्षेत्रीय हब, सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने, पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ाने और उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा देने जैसे प्रस्ताव खास तौर पर चर्चा में हैं। बैठक से पहले सामने आई रिपोर्टों में इन प्रस्तावों को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
कैबिनेट के एजेंडे में अयोध्या में एनएसजी का क्षेत्रीय हब स्थापित करने से जुड़ा प्रस्ताव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके लिए मिल्कीपुर क्षेत्र में करीब 65 एकड़ सरकारी अथवा ग्राम सभा की बंजर जमीन केंद्र सरकार को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बताया गया है। अयोध्या धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से देश के महत्वपूर्ण शहरों में शामिल है। ऐसे में यहां एनएसजी के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हो सकती है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की स्थिति में जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
प्रांतीय रक्षक दल यानी पीआरडी के स्वयंसेवकों को लेकर भी कैबिनेट में महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा जाना है। रिपोर्टों के मुताबिक पीआरडी जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव बताया गया है। इन दोनों फैसलों को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश में बड़ी संख्या में पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद होगी।
शिक्षा क्षेत्र में भी कैबिनेट बैठक से बड़ा फैसला सामने आ सकता है। बेसिक शिक्षा परिषद के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 14 हजार स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित करने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के संसाधनों को बढ़ाना और बच्चों को तकनीक आधारित पढ़ाई का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो स्कूलों में डिजिटल उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता साफ होगा। इससे खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
कैबिनेट के संभावित फैसलों में किसानों से जुड़ा प्रस्ताव भी खास महत्व रखता है। लघु और सीमांत किसानों को छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कर्ज छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बताया गया है। इस फैसले का उद्देश्य छोटे किसानों को अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर दीर्घकालीन वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना हो सकता है। कृषि क्षेत्र में किसानों के सामने खेती की लागत, सिंचाई, उपकरण और अन्य जरूरतों के लिए पूंजी जुटाने की चुनौती रहती है। ऐसे में कम ब्याज पर कर्ज की सुविधा मिलने से पात्र किसानों को वित्तीय राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।
उचित दर दुकानदारों यानी कोटेदारों के लिए भी बैठक में राहत का प्रस्ताव है। रिपोर्ट के मुताबिक हर क्विंटल खाद्यान्न पर 25 रुपये अतिरिक्त मार्जिन देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। प्रदेश में 78 हजार से अधिक कोटेदारों के लिए यह फैसला आय बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में कोटेदारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अतिरिक्त मार्जिन मिलने से उनके आर्थिक हितों को मजबूती मिलने के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन पर भी इसका असर पड़ सकता है। अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को विकसित करने से संबंधित संशोधित प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है। बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए सड़क संपर्क और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से एक्सप्रेसवे परियोजनाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। चित्रकूट को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से धार्मिक पर्यटन, स्थानीय कारोबार और क्षेत्रीय आवागमन को गति मिलने की उम्मीद की जाती है।
परिवहन विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी एजेंडे में बताए जा रहे हैं। सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़-बढ़नी और हरदोई के सवायजपुर में बस स्टेशन स्थापित करने के लिए सरकारी जमीन मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधाओं को विस्तार मिल सकता है। इसके अलावा वाहनों की फिटनेस जांच से जुड़े ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन यानी एटीएस के लिए नई राज्य नीति-2026 जारी करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इससे वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को अधिक तकनीकी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
मथुरा के छाता शुगर मिल में एथेनॉल उत्पादन के लिए नया प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है। एथेनॉल उत्पादन को चीनी उद्योग के साथ जोड़कर किसानों और मिलों के लिए अतिरिक्त आर्थिक गतिविधियों के अवसर पैदा करने की कोशिशों के संदर्भ में इसे देखा जा सकता है। इसके साथ ही पेराई सत्र 2026-27के लिए चीनी मिलों को सरकारी गारंटी देने का प्रस्ताव भी सामने है। रिपोर्ट के अनुसार तीन चीनी मिलों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी का प्रावधान प्रस्तावित है। मंजूरी मिलने के बाद इससे संबंधित मिलों की वित्तीय व्यवस्था को सहारा मिलने की संभावना है।
पूर्वांचल में मछली पालन परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और WorldFish के बीच समझौते को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में बताया जा रहा है। इससे मत्स्य क्षेत्र में तकनीक, उत्पादन और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने की कोशिश हो सकती है। वहीं प्रदेश में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है। सरकार की कोशिश स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की हो सकती है।
न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रस्ताव को भी कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण एजेंडे में माना जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश में 900 नई अदालतों और उनसे जुड़े पदों के सृजन का प्रस्ताव रखा जा सकता है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो न्यायिक ढांचे के विस्तार का रास्ता खुलेगा। अदालतों की संख्या और न्यायिक पदों में वृद्धि से लंबित मामलों के निस्तारण की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव अदालतों के गठन, आधारभूत ढांचे और न्यायिक अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति की गति पर निर्भर करेगा।
कैबिनेट के संभावित फैसलों में किरायेदारी और पट्टे से जुड़े दस्तावेजों पर राहत देने वाला प्रस्ताव भी शामिल है। 10 साल तक की किरायेदारी और पट्टे के दस्तावेजों के पंजीकरण पर स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने का प्रस्ताव बताया गया है। मंजूरी मिलने पर इससे संबंधित लोगों को दस्तावेज पंजीकरण के दौरान आर्थिक राहत मिल सकती है।
पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा प्रस्ताव भी बैठक में महत्वपूर्ण रहेगा। ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक स्थापित करने के लिए स्थानीय निकायों की जमीन सेना को मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अलीगढ़ में साईं ग्लोबल विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़ा प्रस्ताव भी सामने है। निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आशय-पत्र जारी करने पर विचार किया जा सकता है। मंजूरी मिलने पर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और संस्थान जुड़ने का रास्ता खुल सकता है।
बैठक में विभागीय अधिकारियों को दिए जाने वाले वित्तीय अधिकारों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी शामिल बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य विभागीय स्तर पर वित्तीय निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना हो सकता है। कुल मिलाकर मंगलवार की बैठक में सुरक्षा, शिक्षा, किसान, परिवहन, उद्योग, न्याय और जनकल्याण से जुड़े प्रस्तावों पर सरकार की नजर रहेगी।
फिलहाल इन सभी प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो उनका असर प्रदेश के अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों पर पड़ सकता है। खासकर अयोध्या में एनएसजी हब, पीआरडी जवानों के भत्ते व कैशलेस इलाज, 14 हजार स्कूलों में डिजिटल सुविधाएं, किसानों को कम ब्याज पर कर्ज और 900 नई अदालतों का प्रस्ताव इस बैठक को खासा महत्वपूर्ण बना रहा है।
Updated on:
15 Sept 2026 11:42 am
Published on:
15 Sept 2026 11:42 am
