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UP के नवनियुक्त DGP ने की पहली बड़ी समीक्षा बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दिए कानून-व्यवस्था सुधार के निर्देश

UP DGP Top 10 Criminals: उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा ने शुक्रवार को प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पहली समीक्षा बैठक की। इसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम पर सख्त निर्देश दिए। हर जिले में टॉप-10 अपराधियों की सूची बनाने के भी आदेश दिए गए।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 07, 2025

फोटो सोर्स : Patrika : प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश, प्राथमिकताओं को तय किया

फोटो सोर्स : Patrika : प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश, प्राथमिकताओं को तय किया

UP DGP Meeting: उत्तर प्रदेश के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा ने पुलिस विभाग की पहली बड़ी समीक्षा बैठक की। राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश भर के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जुड़कर उन्होंने कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में प्रदेश में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, महिला सुरक्षा, गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, जन शिकायतों के निस्तारण, और पुलिस की जवाबदेही जैसे अहम मुद्दों पर जोर दिया गया।

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बैठक में DGP के साथ ADG (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश, पुलिस मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदेश भर के पुलिस कमिश्नर, जिलों के SSP व SP, रेंज IG व DIG, तथा जोनल ADG वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस समीक्षा बैठक से जुड़े।

पहली बार बतौर DGP पूरे प्रदेश के अधिकारियों से संवाद

DGP राजीव कृष्णा के लिए यह बतौर पुलिस प्रमुख पहली सर्वदलीय व सूबे भर की व्यापक बैठक थी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को जनविश्वास के अनुरूप सुदृढ़ और संवेदनशील बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस बल को चाहिए कि वह समाज के हर वर्ग के प्रति संवेदनशील रहे और पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई के साथ अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करे।

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बैठक के प्रमुख बिंदु और दिशा-निर्देश

इस अहम बैठक में DGP ने पुलिस अधिकारियों को निम्नलिखित प्रमुख दिशा-निर्देश दिए:

  • 1.कानून-व्यवस्था को मुख्य प्राथमिकता बनाया जाए।
  • 2.गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।3.महिला और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विशेष नजर रखी जाए।4.छोटे अपराधों को भी नजरअंदाज न करें, उनकी भी गंभीरता से जांच और कार्रवाई हो।5.साइबर क्राइम के मामलों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।6.जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो और शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दी जाए।7.चौकियों और थानों में पुलिसकर्मियों का व्यवहार नागरिकों के प्रति सौम्य और सहयोगी होना चाहिए।8.आर्थिक अपराध, भूमि विवाद, विधि व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए।9.गैंगस्टर एक्ट व एनएसए के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया जाए।10.पुलिसिंग में आधुनिक तकनीकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए।

पुलिसिंग में तकनीक के प्रयोग पर विशेष जोर

बैठक में DGP ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य स्मार्ट तकनीकों के जरिये पुलिसिंग को स्मार्ट व प्रोएक्टिव बनाया जाएगा। CCTV निगरानी, डिजिटल डाटाबेस, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल, और इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन को और मजबूत किया जाएगा। राजीव कृष्णा ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस को इस दिशा में देश में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

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महिला सुरक्षा पर विशेष निर्देश

महिला सुरक्षा को लेकर DGP ने कहा कि छेड़खानी, स्ट्रीट क्राइम, घरेलू हिंसा, ऑनलाइन उत्पीड़न जैसे मामलों में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाए। महिला हेल्प डेस्क, 1090 वीमेन पावर लाइन और अन्य माध्यमों पर मिलने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेकर समाधान करें। महिलाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस गश्त को बढ़ाया जाए।

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अपराधियों की टॉप-10 सूची बनाने के निर्देश

  • DGP ने प्रत्येक जिले को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में
  • 10 सबसे सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार करें।इन अपराधियों की संपत्ति की जांच, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू करें।
  • जनता में पुलिस की छवि सुधारने पर बलराजीव कृष्णा ने बैठक में कहा कि जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनाना बहुत जरूरी है।

इसके लिए

.जनसुनवाई को प्रभावी बनाया जाए।
.समीक्षा बैठकों में यह देखा जाए कि थानों में कितनी शिकायतों का संतोषजनक निस्तारण हुआ।
.थानों में पीड़ितों के साथ अच्छा व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों की प्रदर्शन रिपोर्ट में यह भी देखा जाएगा कि उन्होंने जन शिकायतों के निस्तारण में कितनी रुचि ली है।

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रेंज और जिलों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

बैठक के अंत में DGP ने सभी जोनल ADG, रेंज IG/DIG, पुलिस कमिश्नर और जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में:

.पिछले दो माह में दर्ज गंभीर अपराधों की समीक्षा करें।
.गिरफ्तारी और विवेचना की स्थिति की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजें।
.जन शिकायत निस्तारण की रिपोर्ट भी दें।

ऑपरेशन पहचान की सराहना

DGP ने आगरा जोन में चलाए गए "ऑपरेशन पहचान" की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के फोकस्ड ऑपरेशन अन्य रेंजों में भी चलाए जाएं ताकि प्रदेश भर में पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार हो।

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अधिकारियों की प्रतिक्रिया

  • बैठक में जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों ने DGP के दिशा-निर्देशों को सकारात्मक बताया।
  • कानपुर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने कहा, "प्रदेश पुलिस नेतृत्व से स्पष्ट दिशा मिलने से फील्ड अधिकारियों को काम में सहजता मिलेगी।"
  • लखनऊ के SSP राजेश श्रीवास्तव ने कहा, "अब प्रत्येक शिकायत और अपराध को प्राथमिकता से लेने का स्पष्ट संदेश फील्ड पर जाएगा।"
  • आगरा रेंज के IG दीपक कुमार ने कहा, "DGP के निर्देशों के अनुरूप ऑपरेशन पहचान जैसे अभियानों को और सशक्त करेंगे।"
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