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यूपी में 45 हजार होमगार्ड की भर्ती का रास्ता साफ, लिखित परीक्षा के बाद बनेगी मेरिट, जानिए पूरी डिटेल

Home Guard Bharti 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। 45 हजार से अधिक होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती को मंजूरी मिल गई है। शासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता के आधार पर मेरिट तैयार होगी। युवाओं में इस भर्ती को लेकर उत्साह का माहौल है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Nov 03, 2025

45 हजार होमगार्ड की भर्ती का रास्ता साफ, शासन ने दी मंजूरी, लिखित परीक्षा के बाद बनेगी मेरिट (फोटो सोर्स : Whatsapp Group)

45 हजार होमगार्ड की भर्ती का रास्ता साफ, शासन ने दी मंजूरी, लिखित परीक्षा के बाद बनेगी मेरिट (फोटो सोर्स : Whatsapp Group)

 Home Guard Vacancy 2025: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए एक और बड़ा अवसर खोल दिया है। लंबे समय से लंबित होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया को लेकर अब शासन ने हरी झंडी दे दी है। 45 हजार से अधिक पदों पर होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने इसका शासनादेश जारी करने के साथ-साथ पूरी गाइडलाइन को भी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) को एनरोलमेंट और परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है। शासन के इस निर्णय से प्रदेशभर के बेरोजगार युवाओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को

होमगार्ड विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और संचालन का अधिकार दिया गया है। बोर्ड जिलों से रिक्त पदों का विवरण मंगवाएगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भर्ती के लिए उम्मीदवारों का एनरोलमेंट (पंजीकरण) सबसे पहला चरण होगा। उसके बाद लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET), दस्तावेजों का सत्यापन और अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।

आयु सीमा और पात्रता का निर्धारण

शासनादेश के अनुसार, होमगार्ड स्वयंसेवक पद के लिए अभ्यर्थियों की आयु 18 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना उस तारीख से की जाएगी जो विज्ञापन में निर्दिष्ट की जाएगी।  सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला एवं पूर्व सैनिकों को शासन के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता के रूप में उम्मीदवारों को न्यूनतम हाईस्कूल (10वीं) उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। जिन अभ्यर्थियों ने इससे अधिक शिक्षा प्राप्त की है, उन्हें भी आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षा की प्रक्रिया

प्रमुख सचिव होमगार्ड राजेश कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के मुताबिक,भर्ती बोर्ड पहले लिखित परीक्षा आयोजित करेगा। यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective Type) होगी, जिसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन, हिंदी भाषा, गणित और तार्किक विवेक (Reasoning) से प्रश्न पूछे जाएंगे। लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर एक प्रारंभिक मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को शारीरिक मानक परीक्षा (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए बुलाया जाएगा। दोनों परीक्षणों में सफल रहने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, और अंत में अंतिम चयन सूची (Final Merit List) जारी की जाएगी।

भर्ती प्रक्रिया होगी पारदर्शी

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा। इस उद्देश्य से एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें आवेदन से लेकर चयन तक हर चरण ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा। हर जिले के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या पक्षपात की संभावना न रहे।

युवाओं में उत्साह, विभागों में हलचल

प्रदेश के युवाओं में इस भर्ती की खबर से उत्साह का माहौल है। कई युवाओं ने कहा कि यह सरकार का स्वागत योग्य कदम है, क्योंकि प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या लगातार चर्चा में रही है। होमगार्ड विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस भर्ती से न केवल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोजगार सृजन भी होगा।

होमगार्ड की भूमिका और जिम्मेदारियां

सरकार का लक्ष्य - “हर जिले में पर्याप्त बल”

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक जिले में आवश्यकतानुसार पर्याप्त संख्या में होमगार्ड बल उपलब्ध हो। कई जिलों में पिछले वर्षों से पद रिक्त हैं, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कार्य प्रभावित हो रहे थे। भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से नए स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में शारीरिक फिटनेस, आपदा प्रबंधन, प्राथमिक चिकित्सा, ट्रैफिक नियंत्रण और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे विषय शामिल होंगे।

महिलाओं को भी मिलेगा अवसर

शासन ने स्पष्ट किया है कि महिला उम्मीदवारों के लिए भी पर्याप्त संख्या में पद आरक्षित किए जाएंगे। महिला स्वयंसेवकों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे विशेष कार्यों में प्राथमिकता दी जाएगी।

टेक्नोलॉजी से सुसज्जित बल

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में होमगार्ड बल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाए। इसके लिए ई-होमगार्ड पोर्टल, डिजिटल ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम और मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने की योजना है। इन सुधारों से विभागीय कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।