
बारिश से मिली राहत, प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां हुई तेज; वर्षा विचलन घटकर -19 प्रतिशत पर पहुंचा (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
UP Heavy Rain Alert: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश ने न केवल भीषण उमस और गर्मी से लोगों को राहत दी है, बल्कि लंबे समय से बने वर्षा के घाटे को भी काफी हद तक कम कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा आकलन के अनुसार प्रदेश में पिछले पांच से छह दिनों के दौरान हुई व्यापक वर्षा के कारण प्रादेशिक वर्षा विचलन में करीब 10 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया है। पहले जहां यह आंकड़ा -29 प्रतिशत था, वहीं अब घटकर -19 प्रतिशत रह गया है। इसके साथ ही इस मानसून सीजन में उत्तर प्रदेश की कुल वर्षा सामान्य श्रेणी में शामिल हो गई है, जो कृषि और जल संसाधनों के लिहाज से राहत भरी खबर मानी जा रही है।
लखनऊ मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। वहीं मानसूनी द्रोणी अपनी सामान्य स्थिति के करीब पहुंच गई है और इसका विस्तार अनूपगढ़, दिल्ली, आगरा, सिद्धी होते हुए दीघा और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिणी पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। इन मौसमी परिस्थितियों के कारण अगले तीन दिनों तक विशेष रूप से दक्षिणी उत्तर प्रदेश में मानसूनी प्रवाह मजबूत बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान कई स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि प्रदेश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रह सकती हैं।
राजधानी लखनऊ में भी बीते कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है। दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और उमस में भी उल्लेखनीय कमी आई है। सुबह और शाम के समय बादलों की आवाजाही तथा हल्की बारिश से लोगों को राहत मिली है। हालांकि कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद अधिकांश लोगों ने बारिश का स्वागत किया क्योंकि लंबे समय बाद मौसम पूरी तरह मानसूनी रंग में नजर आया।
लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। धान, मक्का, अरहर, तिल और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई के बाद खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में अब तक सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा था, वहां प्राकृतिक वर्षा से किसानों को राहत मिलेगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक संतुलित वर्षा का सिलसिला जारी रहा तो इस वर्ष खरीफ उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है। हालांकि जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां किसानों को जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह भी दी गई है ताकि खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान न पहुंचे।
लखनऊ मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की व्यापक वर्षा का सकारात्मक असर प्रदेश के जलाशयों, तालाबों, नदियों और भूजल स्तर पर भी दिखाई देगा। पिछले कुछ महीनों से कई जिलों में जलस्तर लगातार नीचे जा रहा था, लेकिन अब अच्छी बारिश से जल स्रोतों का पुनर्भरण होने की संभावना बढ़ गई है। इससे पेयजल संकट वाले इलाकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब और छोटे जलाशय भरने से पशुपालन और सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, नालों की सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। वहीं नदियों के किनारे बसे गांवों में भी निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून सीजन की सबसे बड़ी राहत यह है कि प्रदेश में वर्षा का कुल विचलन अब सामान्य श्रेणी में पहुंच गया है। पिछले कई सप्ताह से बारिश की कमी चिंता का विषय बनी हुई थी, लेकिन हाल की लगातार वर्षा ने स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगस्त के शेष दिनों में भी मानसून सक्रिय बना रहता है तो वर्षा का आंकड़ा सामान्य से बेहतर स्तर तक भी पहुंच सकता है। इससे कृषि, जल संरक्षण और पर्यावरण तीनों क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि अगले 72 घंटे उत्तर प्रदेश के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेंगे। दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की भी संभावना है। वहीं राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नए पूर्वानुमान जारी करेगा। फिलहाल प्रदेश में सक्रिय हुए मानसून ने लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ-साथ किसानों और जल संसाधनों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगाई है।
संबंधित विषय:
Updated on:
09 Aug 2026 07:51 am
Published on:
09 Aug 2026 07:51 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
