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UP मौसम अपडेट: 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 22 जुलाई तक झमाझम बरसेंगे बादल

UP Monsoon : बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय सिस्टम से उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय हो गया है। 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jul 20, 2026

बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय सिस्टम से प्रदेश में बढ़ी मानसूनी सक्रियता, लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय सिस्टम से प्रदेश में बढ़ी मानसूनी सक्रियता, लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )

UP Monsoon Orange Alert: उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे समय तक सामान्य से कम बारिश झेलने के बाद अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा का दौर शुरू हो गया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने प्रदेश में 22 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव तथा मानसूनी द्रोणी (मानसून ट्रफ) के दोबारा सक्रिय होकर अपनी सामान्य स्थिति के करीब आने से पूरे प्रदेश में मानसून मजबूत हुआ है। इसका असर अगले पांच से छह दिनों तक देखने को मिलेगा और प्रदेश के अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश होने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदला मौसम का मिजाज

लखनऊ मौसम विभाग के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र भले ही अब कमजोर पड़ रहा हो, लेकिन इसके कारण बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का प्रवाह काफी बढ़ गया है। यही कारण है कि मानसूनी द्रोणी फिर से सक्रिय होकर श्रीगंगानगर, रोहतक, हरदोई, वाराणसी, रांची और सागर द्वीप होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस मजबूत मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा की परिस्थितियां बन गई हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यह सिस्टम प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लखनऊ समेत 60 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट

राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में रविवार से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह से रुक-रुक कर हुई बारिश ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत दी। मौसम विभाग ने लखनऊ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही कई जिलों में बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन को भी सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पांच से छह दिन तक सक्रिय रहेगा मानसून

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार 19 जुलाई से 21 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होगी। उन्होंने बताया कि इस अवधि में कहीं-कहीं भारी और अति भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि वर्तमान सक्रियता 22 जुलाई तक बनी रहेगी, जिसके बाद भी कई स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

29 प्रतिशत कम बारिश की भरपाई की उम्मीद

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 1 जून से 18 जुलाई तक सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। बारिश की कमी के कारण किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई क्षेत्रों में धान की रोपाई प्रभावित हुई, जबकि जलाशयों और तालाबों में भी अपेक्षित जलभराव नहीं हो पाया। अब मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक होने वाली व्यापक बारिश इस कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है। इससे कृषि कार्यों को गति मिलेगी और भूजल स्तर में भी सुधार आने की संभावना है।

शनिवार को कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

शनिवार को प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मानसून का असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। गोरखपुर में सबसे अधिक 141.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मिर्जापुर में 80 मिलीमीटर, लखीमपुर खीरी में 70.4 मिलीमीटर, वाराणसी में 64 मिलीमीटर तथा सुल्तानपुर में 58 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश आगामी दिनों में और तेज हो सकती है।

तराई के जिलों में अति भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने रविवार के लिए महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर सहित तराई क्षेत्र के जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इन क्षेत्रों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा

गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, गोंडा, हरदोई, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बदायूं और ललितपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 45 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है।

किसानों के लिए राहत की बारिश

मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान, मक्का, गन्ना और दलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों को इस बारिश से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। जिन क्षेत्रों में रोपाई बारिश की कमी के कारण प्रभावित हुई थी, वहां अब खेतों में पर्याप्त नमी उपलब्ध होगी। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी प्रकार बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

शहरों में जलभराव की चुनौती

बारिश जहां एक ओर राहत लेकर आई है, वहीं नगर निकायों के सामने जलभराव की चुनौती भी खड़ी हो गई है। लखनऊ सहित कई शहरों में पहली तेज बारिश के दौरान कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आई। नगर निगम और जिला प्रशासन ने जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में पंपिंग सेट लगाए जा रहे हैं ताकि बारिश के दौरान लोगों को अधिक परेशानी न हो।

बिजली गिरने को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी

मौसम विभाग ने वज्रपात को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों, खुले मैदान में मौजूद लोगों तथा पशुपालकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और मोबाइल फोन का अनावश्यक उपयोग करने से भी बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है।

आने वाले दिनों में और बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में मानसून का यह सक्रिय दौर अगले कई दिनों तक जारी रहेगा। 22 जुलाई तक व्यापक वर्षा की संभावना के बाद भी कुछ क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। यदि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां बनी रहती हैं तो जुलाई के अंत तक मानसूनी वर्षा सामान्य के करीब पहुंच सकती है। इससे न केवल गर्मी और उमस से राहत मिलेगी बल्कि कृषि, पेयजल और पर्यावरण के लिए भी यह बेहद लाभकारी साबित होगी।

फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है और अगले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए तेज बारिश वाले रहने की संभावना है।