
पात्र उपभोक्ताओं के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश (फोटो सोर्स : Ritesh Singh )
PM Surya Ghar Yojana:उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रिया को और तेज करने के लिए अब बैंक ऋण वितरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के पात्र उपभोक्ताओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी नेडा के निदेशक की अध्यक्षता में प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, आरईसी, एसएलबीसी और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित ऋण आवेदनों, स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया और ऋण वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने बैठक में बैंकों को निर्देश दिए कि पात्र उपभोक्ताओं के ऋण आवेदनों को अनावश्यक रूप से अस्वीकार न किया जाए। उन्होंने कहा कि जो आवेदन योजना की पात्रता पूरी करते हैं, उनकी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। ऋण स्वीकृत होने के बाद उसके वितरण में भी अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ता जल्द से जल्द अपनी छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करा सकें।
उन्होंने कहा कि ऋण आवेदन से लेकर स्वीकृति और फिर डिस्बर्सल तक पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जरूरत है। किसी स्तर पर आवेदन लंबित रहने की स्थिति में संबंधित बैंक स्तर पर उसका तत्काल संज्ञान लिया जाए। इससे योजना के तहत आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को बार-बार बैंक या संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति से भी राहत मिलेगी।
बैठक में बैंकवार लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक योजना का उद्देश्य केवल अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि पात्र आवेदनों को समय पर रूफटॉप सोलर स्थापना तक पहुंचाना है। इसी वजह से ऋण स्वीकृति और वितरण को योजना के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यूपी में रूफटॉप सोलर स्थापना के आंकड़ों में लगातार तेजी दर्ज की गई है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक 2026 में प्रदेश ने लगातार कई महीनों तक बड़ी संख्या में सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन किए हैं। ऐसे में ऋण प्रक्रिया में तेजी को आगे की स्थापना गति बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है।
बैठक में पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल और जन समर्थ से जुड़ी प्रक्रियात्मक समस्याओं पर भी चर्चा हुई। यूपी नेडा की ओर से बैंकों और संबंधित संस्थाओं से कहा गया कि तकनीकी या प्रक्रियात्मक अड़चनों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी दस्तावेज, सत्यापन या पोर्टल संबंधी समस्या के कारण मामला अटकता है तो उसका समाधान जल्द किया जाए। योजना के तहत बैंक ऋण की सुविधा उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम की लागत वहन करने में मदद करती है। यूपी नेडा की जानकारी के अनुसार योजना के अंतर्गत पात्र घरेलू उपभोक्ता ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और सोलर रूफटॉप सिस्टम के लिए बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है।
यूपी नेडा ने एसएलबीसी के माध्यम से बैंकों के साथ नियमित समन्वय और लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अलग-अलग बैंकों में आवेदन प्रक्रिया और निस्तारण की स्थिति की नियमित समीक्षा होने से उन मामलों की पहचान आसानी से की जा सकेगी, जिनमें किसी स्तर पर अनावश्यक देरी हो रही है। आरईसी और अन्य संबंधित हितधारकों से भी बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहयोग का आग्रह किया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि योजना के क्रियान्वयन में यूपी नेडा, बैंक, एसएलबीसी, आरईसी और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
यूपीनेडा का लक्ष्य है कि सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक प्रत्येक पात्र परिवार को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध हो। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ ऋण स्वीकृति और भुगतान के बीच के समय को कम करने पर ध्यान दिया जा रहा है। रूफटॉप सोलर से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली जरूरतों के एक हिस्से के लिए स्वयं ऊर्जा उत्पादन करने का अवसर मिलता है। पीएम सूर्य घर योजना का उद्देश्य भी देशभर में घरों की छतों पर सौर संयंत्रों को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय स्तर पर योजना के तहत अगस्त 2026 तक 54.6 लाख घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।
उत्तर प्रदेश में भी योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना में तेजी देखी गई है। यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह के अनुसार, प्रदेश में 2026 के दौरान कई महीनों में 50 हजार से अधिक घरों में सोलर प्लांट लगाए गए। वहीं, प्रदेश में योजना के तहत लाखों घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचने की जानकारी सामने आ चुकी है। ऐसे में अब फोकस इस बात पर है कि सोलर प्लांट लगाने के इच्छुक पात्र उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े। ऋण आवेदन की मंजूरी और स्वीकृत राशि के समय पर वितरण से रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
समीक्षा बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और यूको बैंक समेत प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा एसएलबीसी, आरईसी और अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य फोकस लंबित ऋण आवेदनों को जल्द निस्तारित करने, पात्र उपभोक्ताओं के आवेदन स्वीकृत करने और स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने पर रहा। यूपी नेडा ने स्पष्ट किया कि योजना की गति बनाए रखने के लिए बैंकिंग प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना जरूरी है। इससे पात्र परिवारों को जल्द सोलर रूफटॉप की सुविधा मिल सकेगी और प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की योजना को आगे गति मिलने की उम्मीद है।
Updated on:
19 Sept 2026 03:27 pm
Published on:
19 Sept 2026 03:25 pm
