
अखिलेश यादव पर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने पलटवार किया। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Narendra Kashyap Hits Back At Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेशसरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने दावा किया कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सामने अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने की चुनौती होगी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी।
दरअसल, गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर दान विवाद का जिक्र करते हुए भाजपा पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि इस बार भारतीय जनता पार्टी को ना चंदा मिलेगा, ना दान, ना चढ़ावा और न ही जनता का वोट मिलेगा।
अखिलेश यादव के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि BJP और उसके सभी सहयोगी दल पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 9 सालों में BJP सरकार ने उत्तर प्रदेश में वे सभी कार्य किए हैं, जो एक जिम्मेदार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होते हैं।
उन्होंने कहा कि इसी विकास और सुशासन के आधार पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को जनता का समर्थन मिलेगा और समाजवादी पार्टी को एक बार फिर विपक्ष में बैठना पड़ेगा।
नरेंद्र कश्यप ने दावा किया कि वर्ष 2027 के चुनाव का परिणाम लगभग तय है। उनके अनुसार, विपक्षी 'इंडी' गठबंधन बिखर जाएगा, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) फिर से सरकार बनाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी (SP) और एआईएमआईएम (AIMIM) समेत सभी दल 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन चुनाव परिणाम आने पर BJP वर्ष 2017 की तरह बड़ी जीत दर्ज कर उत्तर प्रदेश में फिर सरकार बनाएगी।
राम मंदिर दान विवाद को लेकर कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र पर भी नरेंद्र कश्यप ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अयोध्या मामले पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखना बचकाना हरकत है। सभी लोग जानते हैं कि SIT पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है। FIR दर्ज हो चुकी है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं।''
उन्होंने कहा कि CM योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भगवान श्रीराम के दान में जिसने भी बेईमानी की है, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें जेल की सजा से बचने का अवसर नहीं मिलेगा।
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Updated on:
03 Jul 2026 12:58 pm
Published on:
03 Jul 2026 12:49 pm
