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पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों ने सड़क पर मांगी भीख,किया विरोध

उच्च न्यायालय ने हम निर्दाेष 603 टीजी.2 को हमारे पद पर पुनः बहाल करने के लिए कहा तथा उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इन 603 टीजीटू कर्मचारियों ने विभाग में 3 साल की दंड रहित सेवा की है।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

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Updated: 9 Jan 2022, 1:44 PM IST

पावर  कारपोरेशन के कर्मचारियों ने सड़क पर मांगी भीख,किया विरोध

पावर कारपोरेशन के कर्मचारियों ने सड़क पर मांगी भीख,किया विरोध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड से निष्कासित निर्दाेष 603 टीजी टू कर्मचारी पिछले 174 दिनों से लगातार हर तरह के मौसम की मार को झेलते हुए व अपने सभी त्योहारों का त्याग करते हुए धरना देते आ रहे है। प्रदर्शन कारियों ने आज विरोध दर्ज कराते हुए अपनी सेवा बहाली के लिए सड़क पर भीख मांग का विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शन कर रहे 603 टीजी2 संघर्ष मोर्चा के मुख्य संयोजक अभय सिंह ने कहा कि जब हमने उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में 3 वर्ष की निरंतर व दंड रहित सेवा की है उसके पश्चात आज हमारी स्थिति यह हो गई है कि हम भीख मांगने के लिए मजबूर हैं।
निष्कासित होने के बाद हमने अपनी संवैधानिक लड़ाई लड़ी जिसमें उच्च न्यायालय ने हम निर्दाेष 603 टीजी.2 को हमारे पद पर पुनः बहाल करने के लिए कहा तथा उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इन 603 टीजीटू कर्मचारियों ने विभाग में 3 साल की दंड रहित सेवा की है।

पहली चयन सूची में होना एक मुख्य कारक है जिसके आधार पर इनका समायोजन किया जाए। परंतु आदेश आए हुए भी 2 साल से ज्यादा का समय हो गया है इसके उपरांत भी आज तक विभाग में हमारा समायोजन नहीं किया गया है। यह किस प्रकार का न्याय है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी से कहा कि हमारे साथ न्याय करें और हमारा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड में समायोजन कर हमें हमारा अधिकार वापिस दें।

निष्कासित कर्मचारी नंदलाल ने पूरे मामले को बताते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय ने साफ साफ कहा है कि इन समस्त 603 टीजी2 कर्मचारियों का रिक्त पदों पर समायोजन किया जाए और विभाग में अभी भी 2000 से अधिक पद रिक्त हैं। परंतु हमारा समायोजन अभी तक नहीं किया गया जिस के मुख्य दोषी यूपीपीसीएल के कार्मिक निदेशक प्रबंधक एके पुरवार व अन्य वरिष्ठ अधिकारी है। जिन्होंने उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है तथा ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की छवि धूमिल की है। उन्होंने बताया कि हम समस्त 603 टीजीटू कर्मचारी निर्दाेष होते हुए भी बर्खास्त कर दिए जाते हैं और भीख मांगने को मजबूर कर दिए जाते है।

जो इसके मुख्य दोषी एके पुरवार हैं उनका विभाग में प्रमोशन कर दिया जाता है।यह किस प्रकार का न्याय है। इस दौरान समस्त निष्कासित निर्दाेष 603 टीजीटू कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से कहा यदि यह सरकार हमारा विभाग में समायोजन नहीं करती तो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका गंभीर परिणाम आपको भुगतना पड़ेगा क्योंकि यह समस्त 603 टीजी2 कर्मचारी सिर्फ उसी सरकार को वोट देंगे जो इनकी सेवा इन्हें वापस देगी तथा इनके साथ न्याय करेगी। प्रदर्शन में टीजी2 कर्मचारी हरेश कुमार मंसूर अहमद आमिर मनीष मौर्य दीपू कश्यप कृष्णा कुमार विवेक कुमार नित्यानंद आदि भारी संख्या में निष्कासित कर्मचारी मौजूद रहे।