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विवेक तिवारी के हत्यारे का समर्थन कर रहे इस सिपाही को किया गया निलंबित, डीआईजी ने बड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

यूपी पुलिस के बागी सिपाहियों की सोशल मीडिया पर बढ़ती हरकत को देखते हुए डीआईजी ऐलो प्रवीण कुमार ने कार्रवाई का ऐलान किया।
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लखनऊ

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Abhishek Gupta

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Updated: 4 Oct 2018, 10:21 PM IST

Prashant Chaudhary

Prashant Chaudhary

लखनऊ. यूपी पुलिस के बागी सिपाहियों की सोशल मीडिया पर बढ़ती हरकत को देखते हुए डीआईजी ऐलो प्रवीण कुमार ने कार्रवाई का ऐलान किया। फेसबुक पर खुलेआम वीडियो पोस्ट डाल कर पुलिस के आला अधिकारियों को चुनौती देने वाले सर्वेश चौधरी को इस मामले में सस्पेंड कर विभागीय कार्यवाही के भी आदेश दिए हैं। डीआईजी प्रवीण कुमार ने बताया जो बर्खास्त पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर ऐसे भड़काऊ पोस्ट डाल रहे हैं उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दर्ज हुआ मकदमा-

विवेक तिवारी हत्याकांड में आरोपी दो सिपाहियों के समर्थन में इन दिनों फेसबुक व सोशल मीडिया पर आक्रोशित हो सिपाही भड़काऊ पोस्ट डाल रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं सिपाही सर्वेश चौधरी जिन्होंने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट की। और कार्रवाई हेतु उनको निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में कई और अज्ञात पुलिसकर्मियों के विरुद्ध पुलिस एक्ट 1922 के तहत लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

2011 में पुलिस में हुआ था भर्ती-

इस संबंध में डीआईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि दोषियों का समर्थन करने वाला व सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाला सिपाही सर्वेश चौधरी साल 2011 में खिलाड़ी कोटे से पुलिस में भर्ती हुआ था। वर्तमान में वह 25वीं बटालियन पीएसी में खेल के संबंधित किसी कैम्प में है। उसके खिलाफ अनुशासनहीनता के आरोप में उसे निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।

1922 एक्ट के तहत मुकदमे किए जा रहे दर्ज-

इसके साथ ही अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ 'दी पुलिस (इनसाइटमेंट टू डिसएफेक्शन) एक्ट 1922 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दरअसल यह एक्ट पुलिस कर्मियों को सरकार की नीतियों के प्रति असंतोष व्यक्त करने से रोकता है। जो इसका उल्लंघन करता है उसके खिलाफ सजा का प्रावधान है।

बर्खास्तशुदा पुलिस कर्मी जता रहे विरोध-

पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार योगी सरकार के विवेक हत्याकांड के बाद सिपाही के विरुद्ध उठाए गए कदम के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस के सिपाहियों में इसको लेकर असंतोष नहीं है। सभी पूरी जिम्मेदारी का साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। लेकिन कुछ बर्खास्त किए गए पुलिस कर्मी हैं जो फेसबुक पर गलत पोस्ट कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। इसमें एक ऐसा सिपाही भी शामिल है जो साल 2012 में ही बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस अधिकारी लगातार सोशल मीडिया पर हो रही गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।