
194 पदों में 95 बनीं परिचालक, पुरुष चालक बनने से कतराए, जानें कितनी मिलती है तनख्वाह, क्यों कम है पुरुषों का रुझान (फोटो सोर्स : Information Department )
Women Drive Change UP Roadways: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) में चल रही संविदा भर्तियों ने एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। बसों की कमान संभालने के लिए जहां पुरुष पीछे हटते दिख रहे हैं, वहीं महिलाएं उत्साह के साथ आगे आ रही हैं। यह बदलाव न सिर्फ सामाजिक सोच में परिवर्तन का संकेत है, बल्कि प्रदेश में महिला रोजगार के नए अध्याय को भी खोल रहा है। इस वर्ष रोडवेज में हुई दो प्रमुख संविदा भर्तियों में कुल 194 पदों में से 95 महिलाएं परिचालक बनी हैं, यानी 49 प्रतिशत महिलाएं अब बसों में टिकटिंग और संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी।
इसके उलट, पुरुषों में चालक पद के लिए रुझान काफी कम देखने को मिला। दो चरणों की भर्ती में 324 पदों पर 111 पुरुष ही चालकों के रूप में चयन के लिए सामने आए, जो मात्र 34 प्रतिशत है। यह आंकड़ा साफ बताता है कि रोडवेज की नई रीढ़ महिलाएं बन रही हैं, जबकि पुरुष निजी क्षेत्र की ओर झुक रहे हैं।
इस प्रकार कुल 95 महिलाओं का चयन हुआ। इनमे कई महिलाएं गृहणियां, छात्राएं, और निजी नौकरियों में काम कर रहीं युवतियां थीं। कई ने बताया कि उन्हें स्थिर आय और सरकारी ढांचे में काम करने का मौका आकर्षित करता है।
1. शादी–समारोह का सीजन (सहलाग)
अधिकारियों का कहना है कि सहालग के चलते कई प्राइवेट ड्राइवर शादी-ब्याह वाली गाड़ियों में अधिक पैसा कमा लेते हैं।
इसलिए रोडवेज की भर्ती में पुरुषों की भागीदारी घटती है।
2. निजी बसों में अधिक वेतन और “ऊपरी कमाई”
3. चालान और दुर्घटना होने पर वेतन कटने का डर
हालांकि, इस बार रोडवेज प्रशासन ने पहली बार राहत दी है, बस दुर्घटना होने पर क्षति भरपाई में ढील दी गई है, ताकि चालक तनाव मुक्त काम कर सकें।
महिला परिचालकों के सामने यह नौकरी कई मायनों में सुरक्षित और व्यवस्थित विकल्प बनी है-
1. राज्य सरकार की सुरक्षा और सम्मान नीति
2. स्थायी जैसी नौकरी का अनुभव
3. सामाजिक बदलाव और परिवार का साथ
रोडवेज में संविदा चालकों व परिचालकों को 2.06 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान मिलता है। औसतन उनके हाथ करीब 18,000 रुपये महीना आ जाते हैं।
इसके अलावा--
ये सुविधाएं निजी सेक्टर में बिल्कुल नहीं मिलतीं। यही कारण है कि महिलाएं इसे सुरक्षित और भरोसेमंद नौकरी मान रही हैं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि महिला परिचालकों की भर्ती में बेहतरीन रुझान मिला है। आगे भी रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। हमारा प्रयास है कि बस संचालन बेहतर हो और यात्रियों को सुरक्षित सुविधा मिले।
Published on:
04 Dec 2025 02:31 pm
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