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Lucknow: मुन्ना भाई बन तो गए दरोगा लेकिन पोल खुली तो….

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने गत 12 जून को सब इंस्पेक्टर (दरोगा) के कुल 9027 पदों पर परिणाम घाषित किए। इन सभी चयनित अभ्यर्थियों में युवक अर्जुन प्रसाद का भी नाम शामिल है।
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लखनऊ

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Jyoti Singh

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Updated: 28 Jun 2022, 9:46 AM IST

Lucknow: मुन्ना भाई बन तो गए दरोगा लेकिन पोल खुली तो....

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां सब-इंस्पेक्टर और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती में एक बड़ी गड़बड़ी हो गई। जिसके कारण सब इंस्पेक्टर के पद पर एक ऐसे युवक का चयन कर लिया गया जिसने लिखित परीक्षा खुद नहीं बल्कि एक सॉल्वर के सहारे पास की थी। हालांकि परीक्षा देने वाले सॉल्वर को एसटीएफ की टीम ने पहले ही गिरफ्तार भी कर लिया था। वहीं अब जब मामले का खुलासा हुआ है, तो अब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड चयनित अभ्यर्थी का चयन निरस्‍त करने की तैयारी कर रहा है।इसी कड़ी में सख्त कदम उठाते हुए बोर्ड द्वारा कानपुर पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी गई है। जिसके बाद अभ्यर्थी का चयन निरस्त किया जाएगा।

जानें कैसे हुई मामले की जानकारी

उधर, एसटीएफ ने मूल रूप से बिहार के रहने वाले शिशुपाल यादव को गिरफ्तार कर कानपुर नगर जिले के बाबूपुरवा थाने के सुपुर्द किया था, जहां मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था। शिशुपाल ने 16 नवंबर 2021 को अर्जुन प्रसाद की जगह लखनऊ में ऑनलाइन सेंटर में परीक्षा दी थी। लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद वह पांच मई 2022 को प्रयागराज पुलिस लाइंस में अर्जुन की जगह दस्तावेजों का सत्यापन कराने पहुंचा था। इसके बाद वह 19 मई 2022 को 37वीं वाहनी पीएसी कानपुर में शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) में शामिल हुआ।

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पहले से था एसटीएफ के रडार पर

वहीं शक के दायरे में आने पर शिशुपाल यादव को पहले से ही एसटीएफ के रडार पर रखा गया था। बता दें कि उसे 20 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। हालांकि इससे पहले ही वह अर्जुन प्रसाद की जगह सभी परीक्षाएं दे चुका था। इसके बाद जब परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया तो अर्जुन प्रसाद को सब इंस्पेक्टर के पद पर चयनित कर लिया गया। अर्जुन प्रसाद यूपी के बलिया जिले का रहने वाला है। वह राहुल नाम के एक युवक के जरिए सॉल्वर शिशुपाल के संपर्क में आया था। पूरी परीक्षा पास कराने के लिए सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।

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अभ्यर्थी का चयन निरस्त किया जाएगा

उधर, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. आरके विश्वकर्मा ने बताया कि सॉल्वर की गिरफ्तारी के संबंध में कानपुर पुलिस द्वारा सूचना न दिए जाने के कारण यह चूक हुई है। मामला संज्ञान में आते ही कानपुर पुलिस से एफआईआर की कॉपी मांगी गई है। अभ्यर्थी अर्जुन प्रसाद का चयन निरस्त किया जाएगा।