
बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर (पत्रिका फाइल फोटो)
Electricity e-KYC: घर की बिजली चल रही है, बिल भी आ रहा है और भुगतान भी हो रहा है… लेकिन कनेक्शन वास्तव में किसके नाम पर है और उसका इस्तेमाल कौन कर रहा है, अब यह भी साफ होगा। बिजली विभाग ने जिले में उपभोक्ताओं की पहचान पुख्ता करने के लिए ई-केवाईसी शुरू कर दी है। यानी अब बिजली के मीटर से लेकर उपभोक्ता की पहचान तक रिकॉर्ड को दुरुस्त किया जाएगा।
महासमुंद जिले के करीब 2 लाख 51 हजार उपभोक्ताओं को इस प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से कार्यालय पहुंचने की जरूरत नहीं है। वे मोर बिजली ऐप के जरिए घर बैठे भी ई-केवाईसी करा सकेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार, ई-केवाईसी का मकसद बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े रिकॉर्ड को प्रमाणित और अपडेट करना है।
ऑनलाइन सुविधा के साथ विभाग ने ऑफलाइन व्यवस्था भी रखी है। क्षेत्र में तैनात मीटर रीडर मोबाइल ऐप के माध्यम से उपभोक्ताओं से संपर्क कर उनका सत्यापन कर सकेंगे। जिन्हें डिजिटल प्रक्रिया में परेशानी होगी, वे नजदीकी विद्युत वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में जाकर सहायता ले सकते हैं। ई-केवाईसी के दौरान बिजली कनेक्शन में दर्ज नाम का आधार कार्ड में दर्ज नाम से मिलान किया जाएगा। यदि दोनों दस्तावेजों में नाम अलग-अलग मिलता है तो पहले विद्युत विभाग के रिकॉर्ड में सुधार कराना होगा। इसके बाद ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। विभाग के मुताबिक नाम में सामान्य त्रुटि सुधारने के लिए उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
हालांकि यदि कनेक्शन का मालिकाना हक किसी दूसरे व्यक्ति के नाम करना है तो उसके लिए निर्धारित नियमों के अनुसार दस्तावेज और शुल्क की आवश्यकता होगी। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन में मोर बिजली ऐप के जरिए स्वयं ई-केवाईसी कर सकते हैं। आधार नंबर दर्ज करने के बाद निर्धारित प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सत्यापन में ओटीपी के साथ फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। नहीं है। कंपनी के ईई पीआर वर्मा ने बताया कि जिले में ई-केवाईसी का काम प्रारंभ हो गया है। सभी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य है।
ई-केवाईसी के दौरान केवल वर्तमान उपभोक्ता की पहचान ही सामने नहीं आएगी, बल्कि विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज पुरानी और गलत जानकारियों को भी ठीक करने का अवसर मिलेगा। ऐसे कनेक्शनों की स्थिति भी स्पष्ट हो सकेगी, जिनमें लंबे समय से नाम में बदलाव नहीं हुआ है। यदि किसी मृत व्यक्ति के नाम पर अब भी बिजली कनेक्शन दर्ज है तो संबंधित परिजन विभागीय कार्यालय में संपर्क कर रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन करा सकेंगे। इससे वास्तविक उपयोगकर्ता का नाम विभागीय दस्तावेजों में दर्ज कराने का रास्ता साफ होगा। ई-केवाईसी पूरी होने के बाद विभाग के पास उपभोक्ताओं से जुड़ी अधिक विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध होगी। भविष्य में बिजली कनेक्शन, उपभोक्ता पहचान और रिकॉर्ड संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी।
ई-केवाईसी शुरू होते ही साइबर ठग इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को ऐसे संदेशों और लिंक से सावधान रहने कहा है, जिनके जरिए ई-केवाईसी कराने या बिजली कनेक्शन बंद होने का डर दिखाकर जानकारी अथवा रकम मांगी जाए। उपभोक्ताओं को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। न ही ई-केवाईसी के नाम पर किसी व्यक्ति को पैसे देने चाहिए। सत्यापन के लिए मोर बिजली ऐप अथवा विभाग के अधिकृत कार्यालय का ही सहारा लेने की सलाह दी गई है। फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा इस्तेमाल की जाएगी। कनेक्शन और आधार में नाम अलग होने पर विभागीय रिकॉर्ड में सुधार जरूरी होगा।
Updated on:
10 Sep 2026, 3:46 PM IST
Published on:
10 Sep 2026, 3:46 PM IST
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