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स्वास्थ्य संयोजकों की हड़ताल से उपस्वास्थ्य केंद्रों में लटका ताला, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों की हड़ताल से उप स्वास्थ्य केंद्रों में ताला लटक रहा है। मरीजों को इलाज कराने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
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महासमुंद

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Deepak Sahu

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Updated: 4 Aug 2018, 2:51 PM IST

cg news

स्वास्थ्य संयोजकों की हड़ताल से उपस्वास्थ्य केंद्रों में लटका ताला, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों की हड़ताल से उप स्वास्थ्य केंद्रों में ताला लटक रहा है। मरीजों को इलाज कराने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारी भी हड़ताल पर चले जाने से व्यवस्था और चरमरा गई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं करा पा रहे हैं। आगामी 6 अगस्त के बाद मीजल्स-रूबरेला का टीकाकरण का अभियान भी चलाया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के उप स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारी नहीं होने के कारण लोगों को तकलीफ हो रही है। इलाज के लिए मरीज व उनके परिजन इधर-उधर भटक रहे हैं। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती माताओं को हो रही है। सेहत की जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला चिकित्सालय और प्राइवेट नर्सिंग होम की चक्कर काट रही हैं। ज्ञात हो कि ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक एक अगस्त से चार सूत्रीय मांगों को लेकर बेमियादी हड़ताल पर है।

कर्मचारियों ने इसके पूर्व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद भी शासन ने इन कर्मचारियों की मांगों पर विचार नहीं किया। संघ के सदस्यों ने बताया कि भाजपा की २०१३ के घोषणा पत्र के अनुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर किए जाने का उल्लेख था, लेकिन अमल नहीं हो पाया। पूर्व में संघ ने मांगों को लेकर 26 अक्टूबर से 5 नवम्बर 2015 तक बेमियादी आंदोलन किया था। इसके बाद 17 जुलाई 2018 को प्रदेशस्तर पर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर सरकार को मांगों पर विचार करने का समय दिया था, लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते संघ मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।

कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी-बुखार, उल्टी-दस्त आदि रोगों का उपचार नहीं हो रहा है। परिवार कल्याण के कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, मिशन इंद्रधनुष अभियान जैसे 28 राष्ट्रीय कार्यक्रम पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी संघ के आव्हान पर जिले सभी अनियमित कर्मचारी 16 जुलाई से हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को संघ ने शासन के विरोध में शव यात्रा निकाली। गौरतलब है कि 54 विभागों के संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य विभाग की एनआरसी, स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्रों में ताला लगा हुआ है।

वहीं जिला पंचायत के मनरेगा शाखा में कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। जिला अध्यक्ष राम गोपाल खुंटे ने बताया कि हड़ताल जारी है। पूरे प्रदेश में 1 लाख 80 हजार कर्मचारी और महासमुंद जिले के 5500 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसका असर लोगों पर भी पड़ रहा है। कई कर्मचारियों को बर्खास्तगी का आदेश भी मिला है। शासन को आकर्षित करने के लिए पिछले दिनों भीख भी मांगी थी।