
PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में पीएम आवास का किस्त नहीं आने से सैकड़ों मकान आधे-अधूरे हैं। लोग अगली किस्त आने का इंतजार कर रहे हैं। किसी मकान का ढलाई नहीं हो पाया है तो कोई मकान की सिर्फ नींव ही बन पाई है।
मिली जानकारी के अनुसार 2016-17 में आवास निर्माण की शुरुआत हुई थी। तब से अब तक जिले में 73266 मकान बनाने का लक्ष्य है। 70057 मकान पूर्ण हो पाए हैं। 3209 मकान आधे-अधूरे है। अभी कई ग्रामीण झोपड़ी में रहने को मजबूर है और कई लोगों की झोपड़ी भी मकान के आस में टूट चुकी है, गांव के अन्य मकानों में रहने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है आवास निर्माण की सामग्री महंगी हो चुकी है और आवास योजना की किस्ते भी लंबे इंतजार के बाद मिलती है। कई हितग्राही कर्ज लेकर मकान को पूरा कर रहे हैं तो कोई अपनी जमापूंजी से मकान पूरा कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले निर्माण सामग्री की कीमतें काफी कम थी, लेकिन अब तक सामग्री की कीमत बहुत बढ़ चुकी है। अनुदान राशि से अब मकान बनना काफी मुश्किल है, लोगों को अब कर्ज लेना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा पीएम आवास सरायपाली विकासखंड में बनाए गए हैं। सरायपाली में अब तक 17219 पीएम आवास बने है। इसके बाद सबस ज्यादा आवास पिथौरा के 15819 आवास बनाए गए हैं। सहायक अभियंता पीएम आवास विभा राजपूत ने बताया कि 95 प्रतिशत पीएम आवास पूर्ण हो चुके हैं। शासन स्तर पर ही किस्त जारी किया जाता है। 73266 मकान बनाने का लक्ष्य था, अब तक 70057 मकान बनाए जा चुके हैं।
परसकोल गांव के रमेश ध्रुव ने बताया कि किस्त आने का इंतजार है। पीएम आवास लगभग आधा बन चुका है। किस्त आने पर ही आगे का कार्य होगा। वहीं कन्हैया ने बताया कि मकान बनाने के लिए अगली किस्त आने का इंतजार है। मकान आधा बन चुका है। आधे का कार्य बाकी है। गांव में किसी का छत ढलाई बाकी है, तो कहीं मकान के उपर का हिस्सा नहीं बन पाया है।
जिले में 51892 पीएम आवास बनाने का लक्ष्य 2024-25 में मिला था। जिसमें से अब तक 292 मकान पूर्ण हो चुके हैं। बागबाहरा में 10034, बसना में 5914, महासमुंद 12141, पिथौरा 15038, सरायपाली में 8765 मकान बनाने का लक्ष्य मिला है। जिसके तहम मकान बनाने का कार्य जारी है। वहीं खट्टी गांव के कई ग्रामीण पीएम आवास के लिए चक्कर काट रहे हैं।
पहले की तुलना में सीमेंट, रेत, गिट्टी, छड़ आदि की कीमत बढ़ गई है, लेकिन अनुदान की राशि नहीं बढ़ी है, जिससे लोगों को मकान बनाने में अपनी जमा पूंजी लगानी पड़ रही है। पीएम आवास बना रहे ग्रामीणों का कहना है कि पीएम आवास की किस्त की राशि में वृद्धि की जानी चाहिए। समय के साथ मकान बनाने में महंगाई का भी असर दिख रहा है। लोगों की जमा पूंजी मकान बनाने में ही निकल जाती है, ऐसे में लोगों को तीन किस्त दिया जा रहा है, जिसके लिए भी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
विकासखंड लक्ष्य पूर्ण प्रगति/अधूरे
बागबाहरा 11315 11018 297
बसना 16471 15797 674
महासमुंद 10818 10204 614
पिथौरा 16690 15819 871
सरायपाली 17972 17219 753
योग 73266 70057 3209
Published on:
04 Feb 2025 03:51 pm
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