28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UP News: झोपड़ी में आग लगने से मां-बेटे जिंदा जले, जाने कैसे लगी आग

UP News:जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने परिवार को दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत 8 लाख रुपए के मुआवजा देने का ऐलान किया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

महाराजगंज

•

image

Prashant Tiwari

•

Updated: 14 Apr 2023, 9:58 AM IST

up-news-mother-and-son-burnt-alive-fire-in-hut-villagers-pour-water

इसी झोपड़ी में लगी थी आग

महराजगंज जिले में गुरुवार की भोर में दर्दनाक हादसा हो गया। दरअसल झोपड़ी में लगी आग से अपनी गाय को बचाने में मां-बेटे की जलकर मौत हो गई। इसके बाद गांव के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई में जुट गई। गांव के लोगों की सूझबूझ के कारण पूरा गांव आग की चपेट में आने से बच गया। लोगों ने हैंडपंप से पानी निकाकर आग बुझाई।

गुरुवार की भोर में हुआ हादसा
महराजगंज जिले के अमवा भैंसी गांव में गुरुवार की भोर 4.30 बजे रामआशीष अपनी मां,पत्नी औप बच्चे के साथ रहते थे। रोजना की तरह वह गुरुवार को भी अपने मकान के आगे बने झोपड़ी में अपनी गाय को बांध रखा था। मवेशी को मच्छर से बचाने के लिए लिए धुईंहर सुलगाया गया था। इसी से चिंगारी निकली और तबाही मच गई। आग लगने की इस घटना में कौशल्या (55) व उनके इकलौते बेटे रामआशीष (35) की मौत हो गई, जिस मवेशी के लिए दोनों ने अपनी जान गवां दी, उसकी भी हालत गंभीर बताई जा रही है।


ई-रिक्शा चलाकर घर चलाते थे रामआशीष
आग लगने की घटना में मृत रामआशीष ई-रिक्शा चलाते थे। इससे होने वाली आमदनी से परिवार का गुजर-बसर होता था। करीब 1.25 एकड़ खेत है। इसे गिरवी रखकर उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा था। गांव के उत्तरी छोर पर रामआशीष का घर है। एक कमरा, बरामद पक्का है आगे झोपड़ी थी।

यह भी पढ़ें: कभी चकिया का राजाबाबू था असद, एनकाउंटर के बाद नहीं हुई शाम और रात की अजान... पसरा रहा सन्नाटा


भतीजे के जन्मदिन में शामिल होने मायके गई थी पत्नी
मृत रामआशीष की पत्नी बबिता देवी सिंदुरिया थाना क्षेत्र के पिपराकल्याण गांव में अपने मायके भतीजे के जन्मदिन में शामिल होने गई थी। बेटी अनन्या (5) और पांच साल का बेटा दिव्यांयु (4) भी साथ ननिहाल में थे। बृहस्पतिवार को घटना की जानकारी होने पर बबिता दोनों बच्चों को साथ लेकर अमवा भैंसी पहुंची। तबाही का मंजर देखकर वह बेहोश हो गई। आसपास के लोग बच्चों की देखभाल कर रहे थे। महिलाएं बबिता को ढांढस बंधा रही थी। वह रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं।


मृतक के परिवार को मिलेगा आठ लाख मुआवजा

अमवा भैसी गांव में अग्निकांड के बाद जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ मौके पर पहुंचे और घटना के बाद से प्रभावित परिवार से भेंट की। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से पी़ड़ित परिवार को सभी जरूरी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर को परिवार को दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत तत्काल मुआवजा दिलवाने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी मोहम्मद जसीम ने बताया कि मृतक की पत्नी बबिता को दैवीय आपदा राहत राशि और कृषक दुर्घटना योजना के तहत कुल आठ लाख मुआवजा दिया जाएगा। पशुओं के त्वरित इलाज की व्यवस्था हुई है। इस दौरान तहसीलदार राजेश कुमार श्रीवास्तव, थानाध्यक्ष भिटौली सुनील कुमार राय आदि मौजूद रहें।