ऑनलाइन मीटिंग के लिए फ्री हैं ये ऐप्स, ऐसे करें प्रयोग

लॉकडाउन के कारण लोग ऑनलाइन ही मिलने और बातें करने लगे हैं। इसके लिए जहां कुछ कंपनियों ने नई एप्लीकेशन्स तैयार की हैं और कुछ ने पुरानी एप्लीकेशन्स में सुधार किया है।

डिजिटल तकनीक ने कोरोना महामारी के कारण देश में लॉकडाउन के चलते वर्क एंड एजुकेशन फ्रॉम होम को प्रभावित नहीं होने दिया। आधुनिक तकनीक के जरिए शिक्षा पहले से ही ऑनलाइन स्टडी के रूप में सुचारु रूप से काम में ली जा रही थी। लेकिन लॉकडाउन जैसी स्थिति ने अनेक तकनीकों को बहुत ही कम समय में विकसित कर दिया। इन तकनीकों में बहुत से प्लेटफार्म ऐसे भी हैं जिन्होंने बिना किसी खर्च के यूजर्स को सेवाएं उपलब्ध करवाई। जिस प्रकार से ऑडियो और वीडियो के रूप में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही थी उसी प्रकार से वर्क फ्रॉम होम में मीटिंग्स का संचालन भी हो रहा था। टीवी और लाइव वीडियो डिबेट जैसे काम में भी इन सॉफ्टवेयर को आजमाया गया। जानते हैं इनके बारे में विस्तार से-

गूगल मीट
गूगल ने लॉकडाउन के समय अपने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग व मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हैंगआउट का नाम बदल दिया था। अब इसे गूगल मीट के नाम से जाना जाता है। गूगल मीट के रोज 20 लाख यूजर्स बढ़ रहे हैं। गूगल क्लासरूम पर 10 करोड़ स्टूडेंट्स और शिक्षक हैं। बिजनेसेज और स्कूलों को मदद करने और कनेक्टेड रखने के लिए मीट के एडवांस और प्रीमियम फीचर्स को फिलहाल फ्री एक्सेस कर सकते हैं। इसमें एक साथ 250 लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकते हैं। साथ ही 100,000 व्यूअर्स तक का कंटेंट लाइव स्ट्रीम कर सकते हैं और वे भी यूजर्स डोमेन के साथ। इसमें सभी जी स्यूट यूजर्स मीटिंग्स को रिकॉर्ड भी कर सकते हैं। इन्हें रिकॉर्ड कर गूगल ड्राइव पर सेव किया जा सकता है। गूगल मीट पर यूजर अपनी पूरी स्क्रीन, टैब्स और एप्लीकेशन विंडो भी प्रेजेंट कर सकता हैं।

जूम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
बहुत से बड़े शिक्षण संस्थानों ने इससे विद्यार्थियों को लाइव शिक्षा से जोड़ा। इस ऐप के जरिए स्टूडेंट व टीचर मोबाइल/ लैपटॉप से वीडियो और ऑडियो दोनों ही प्रकार से पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं। वर्क फ्रॉम होम कर रहे कर्मचारी भी मीटिंग के लिए इस ऐप का सहारा ले रहे हैं। इसके जरिए शिक्षक या बॉस को मीटिंग अरेंज करनी होती है और जनरेट यूआरएल को पार्टिसिपेंट के साथ शेयर करना होता है। सभी लोग यूआरएल के जरिए नियत समय पर जुडकऱ, ऑडियो और वीडियो दोनों ही प्रकार से जरूरी मीटिंग या अध्ययन को पूरा कर सकते हैं। इसमें टीचर या बॉस अपनी स्क्रीन शेयर भी कर सकता हैं।

फेसबुक मैसेंजर रूम
सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म फेसबुक की ओर से एक नया विडियो चैट फीचर मैसेंजर रूम्स जारी किया गया है। इसके जरिए यूजर्स चैट रूम्स तैयार कर एक साथ 50 लोगों से विडियो चैटिंग कर सकते हैं। मेसेंजर रूम्स फेसबुक मैसेंजर में ही बनाया गया हैं और इन्हें न्यूज फीड, ग्रुप्स और इवेंट्स में भी शेयर किया जा सकता है। खास बात यह है कि जो लोग फेसबुक यूजर नहीं है, वे भी वीडियो चैटिंग रूम्स जॉइन कर सकते हैं। चैट रूम की कोई समय सीमा नहीं है। मेसेंजर रूम को होस्ट करने वाले यूजर के पास सभी कंट्रोल्स होते हैं जिससे वह रूम को लॉक या अनलॉक कर कर सकता है। रूम तैयार करने वाला यूजर ही पार्टिसिपेंट के पास मीटिंग यूआरएल भेजेगा। इसके अलावा होस्ट यूजर के पास कभी भी किसी पार्टिसिपेंट को रूम से रिमूव करने का ऑप्शन भी रहता है।

वाट्सऐप मैसेंजर रूम
वाट्सऐप पर यूजर्स को मैसेंजर रूम का शॉर्टकट मिल गया है। एंड्रॉयड बीटा ऐप पर कुछ देशों में यह शॉर्टकट दिया जा रहा है और इससे फेसबुक मैसेंजर रूम्स क्रिएट किए जा सकेंगे और एक साथ 50 लोगों से वीडियो कॉल हो सकेगी। यूएस में वॉट्सऐप बीटा यूजर्स को यह अपडेट मिल रहा है। नया फीचर वाट्सऐप बीटा वर्जन 2.20.139 में है। वाट्सऐप चैट विंडो में मिलने वाले नए शॉर्टकट पर टैप करते ही वीडियो रूम ओपन हो जाएगा। जब यूजर्स ग्रुप कॉल करने के लिए कॉल आइकन पर टैप करेंगे, तो उन्हें ‘क्रिएट ए रूम’ का विकल्प दिया जाएगा।

स्काइप कॉलिंग
किसी भी डिवाइस पर ऑडियो या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए स्काइप से स्काइप कॉलिंग 50 लोगों (49 लोग और आप) के लिए ऑनलाइन नि:शुल्क कॉल मौजूद है। स्काइप में लाइव कैप्शन्स और सबटाइटल्स कॉल के दौरान बोले गए शब्दों को पढऩे में सहायता करते है। किसी प्रकार के कॉल के दौरान, बस अधिक (+) बटन का चयन करें और ‘सबटाइटल्स चालू करें’ को चुनें। आप भाषा की बाधा को भी दूर कर सकते हैं और रियल टाइम में अपनी कॉल और चैट का अनुवाद कर सकते हैं।

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सुनील शर्मा Desk
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